संघर्ष से सफलता : 23 की उम्र में याशिल ने खड़ी की अपनी सल्तनत

व्यापार

:: पिता के साये के बिना संभाली घर की जिम्मेदारी; अब खुद का शोरूम और 40 हजार की मासिक कमाई ::
आलीराजपुर/इंदौर । कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों तो पहाड़ भी रास्ता दे देते हैं। आलीराजपुर के युवा याशिल राठौर ने इस बात को सच कर दिखाया है। उम्र महज 23 साल, सिर पर पिता का साया नहीं और कंधों पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी – इन चुनौतियों के बीच याशिल ने न केवल अपनी पढ़ाई पूरी की, बल्कि मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के जरिए खुद को एक सफल बिजनेसमैन के रूप में स्थापित कर लिया।
:: अनुभव की भट्टी में तपकर निखरे याशिल ::
याशिल की सफलता अचानक नहीं मिली। उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ बिल्डिंग मटेरियल की दुकान पर करीब 4 साल तक काम सीखा। अंकल की दुकान पर की गई इस इंटर्नशिप ने उन्हें बाजार की बारीकियां समझा दीं। जब खुद का काम शुरू करने की बारी आई, तो आड़े आ रही थी पूँजी। इसी बीच उन्हें समाचार पत्र से मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की जानकारी मिली।
:: 10 लाख का लोन और ड्रीम शोरूम ::
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के सहयोग से बैंक ऑफ बड़ौदा ने याशिल के विजन पर भरोसा किया और 10 लाख रूपये का ऋण मंजूर किया। इसी राशि से याशिल ने आलीराजपुर में टाइल्स एवं सेनेटरी का आधुनिक शोरूम खोला। मात्र 8 महीनों में शोरूम चल निकला। आज याशिल 25,000 रूपये की बैंक किस्त चुकाने के बाद हर महीने 30,000 से 40,000 रूपये का शुद्ध मुनाफा कमा रहे हैं।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना ने मुझे सिर्फ पैसा नहीं, बल्कि समाज में सिर उठाकर जीने का आत्मविश्वास दिया है। आज मैं अपने परिवार का मजबूत सहारा हूँ। > — याशिल राठौर, युवा उद्यमी
:: जॉब सीकर नहीं, जॉब गिवर बने ::
याशिल ने न केवल अपनी गरीबी से जंग जीती, बल्कि समाज को भी कुछ लौटाया। आज उनके शोरूम के माध्यम से:

  • 03 स्थानीय युवाओं को स्थाई रोजगार मिला।
  • 9,000 रूपये तक का मासिक वेतन युवाओं को मिल रहा है।
  • आलीराजपुर के युवाओं के लिए मिसाल बने।