गुटका कारोबारी किशोर वाधवानी की याचिका खारिज, 420 और जालसाजी प्रकरण सुनवाई पूर्ववत जारी रहेगी

इंदौर

इन्दौर सत्र न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव ने गुटका कारोबारी किशोर वाधवानी पर चल रहे 420 और जालसाजी के मामले की ट्रांसफर आवेदन याचिका पर सुनवाई उपरांत मामले को ट्रांसफर करने से इंकार करते याचिका खारिज कर दी। गुटका कारोबारी किशोर वाधवानी के खिलाफ इन मामलों की सुनवाई 26वें अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश शुभ्रा सिंह की कोर्ट में चल रही हैं जहां वे लगातार सुनवाई करते प्रकरण में जल्दी जल्दी तारीख दे रही हैं। इसके चलते ही किशोर वाधवानी ने अपर सत्र न्यायधीश की कोर्ट से अपना प्रकरण ट्रांसफर करने के लिए सत्र न्यायाधीश के समक्ष आवेदन याचिका लगाई जिसमें निष्पक्षता का हवाला देते हुए तर्क दिया कि अपर सत्र न्यायाधीश शुभ्रा सिंह के दिवंगत पिता न्यायमूर्ति शंभू सिंह से उसके करीबी संबंध रहे हैं। इसी आधार पर प्रकरण किसी अन्य कोर्ट में स्थानांतरित किया जाएं। वाधवानी के इस केस ट्रांसफर आवेदन पर सुनवाई के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश शुभ्रा सिंह ने ही कोर्ट को वाधवानी के दावे को तथ्यहीन बताते कहा कि उनके पिता का आवेदक से कभी कोई व्यक्तिगत या सामाजिक संबंध नहीं रहा। न तो उन्होंने कभी अपने पिता से उसका जिक्र सुना और न ही उसे पारिवारिक निवास पर आते-जाते देखा। न्यायाधीश शुभ्रा सिंह ने कोर्ट को यह भी बताया कि इससे पहले जब वे वर्ष 2009 से 2012 के बीच सीबीआई की विशेष न्यायाधीश के रूप में पदस्थ थीं तब भी उन्होंने आरोपी वाधवानी के एक अन्य मामले की सुनवाई की थी। उस समय भी इस तरह की आपत्ति या संदेह आरोपी किशोर वाधवानी ने नहीं जताया था। वहीं न्यायाधीश शुभ्रा सिंह ने कोर्ट को इस बात से भी अवगत कराया कि आरोपी के खिलाफ मौजूदा चार सौ बीसी के केस क्रमांक 536/25 में वे नियमित सुनवाई कर रही है और आरोपों पर बहस के लिए बार-बार दबाव बनाया जा रहा था। शायद लंबी तारीखें नहीं मिलने के कारण ही केस ट्रांसफर का आवेदन लगाया गया है। सत्र न्यायाधीश अजय श्रीवास्तव ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद किशोर वाधवानी की इस केस ट्रांसफर आवेदन याचिका को खारिज करते निर्देश दिए कि आवेदन में लगाए गए आधार निराधार हैं और प्रकरण में सुनवाई पूर्ववत जारी रहेगी।