नई दिल्ली । कोविड वैक्सीन और महिलाओं की फर्टिलिटी के बीच किसी भी तरह के नकारात्मक प्रभाव का कोई प्रमाण नहीं है। लगभग 60,000 महिलाओं पर किए गए एक बड़े वैज्ञानिक अध्ययन ने कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर फैलाई गई भ्रांतियों को सिरे से खारिज कर दिया है। कोविड-19 वैक्सीनेशन को लेकर शुरुआत से ही कई तरह की भ्रांतियां फैलाई जाती रही हैं—खासकर सोशल मीडिया पर यह मिथक बार-बार दोहराया गया कि कोरोना वैक्सीन महिलाओं की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है या गर्भधारण की संभावना कम कर देती है। महामारी के बाद के वर्षों में कुछ देशों, विशेषकर स्वीडन में, जन्म दर में गिरावट दर्ज की गई थी। इससे यह आशंका उभरी कि कहीं यह कमी वैक्सीनेशन की वजह से तो नहीं हुई। इसी सवाल का जवाब खोजने के लिए स्वीडन की लिंकोपिंग यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने विस्तृत अध्ययन किया।
सोशल मेडिसिन के प्रोफेसर टॉमस टिम्पका के नेतृत्व में हुए इस शोध में स्पष्ट कहा गया कि कोविड-19 के खिलाफ एमआरएनए वैक्सीन का जन्म दर में आई कमी से कोई लेना-देना नहीं है। टिम्पका के शब्दों में, “हमारा निष्कर्ष यही है कि वैक्सीनेशन और जन्म दर में गिरावट के बीच संबंध होने की संभावना बेहद कम है।” इस अध्ययन में वैक्सीनेटेड और नॉन-वैकसीनेटेड महिलाओं के बीच बच्चों के जन्म और गर्भपात के मामलों में कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं मिला। वैज्ञानिकों ने 18 से 45 वर्ष की लगभग 60,000 महिलाओं के हेल्थ रिकॉर्ड का गहन विश्लेषण किया। इनमें से 75 प्रतिशत महिलाओं को 2021 से 2024 के बीच एक या दो बार कोविड वैक्सीन लगाई गई थी। शोध में जन्म, गर्भपात, टीकाकरण और मौतों से जुड़े सभी आंकड़ों को शामिल किया गया।
अध्ययन की सबसे अहम बात यह है कि इसमें सामान्य गर्भाधान और गर्भावस्था पर प्रभाव की जांच की गई, जबकि पहले की अधिकांश स्टडीज सिर्फ इनफर्टिलिटी ट्रीटमेंट करा रहे जोड़ों पर केंद्रित थीं। उम्र, पूर्व बीमारियां और अन्य कारक जो गर्भधारण को प्रभावित कर सकते हैं, उन्हें भी विश्लेषण में शामिल किया गया। पिछले कई अध्ययनों की तरह इस रिसर्च में भी यह तथ्य दोहराया गया कि कोविड संक्रमण गर्भवती महिलाओं के लिए अधिक खतरनाक साबित हो सकता है, जबकि वैक्सीनेशन इस जोखिम को काफी हद तक कम कर देता है। प्रोफेसर टिम्पका ने जोर देकर कहा कि कोविड-19 टीके गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करते हैं और उनके फायदे संभावित जोखिमों की तुलना में कहीं अधिक हैं।

