अपने बयान पर स्पष्टीकरण दें वर्ना विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव का सामना करने को तैयार रहें

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-संसदीय कार्य मंत्री रिजिजू ने दी राहुल गांधी को चेतावनी
नई दिल्ली । लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के हालिया बयान को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी शाम 5 बजे तक अपने बयान पर स्पष्टीकरण या माफी नहीं मांगते हैं तो सरकार उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव लाएगी।
संसदीय मंत्री रिजिजू ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सदन में “गलतबयानी” कर सदन को गुमराह किया है। उन्होंने कहा, हम सदन को गुमराह करने और बेबुनियाद बयान देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ प्रिविलेज नोटिस फाइल करने जा रहे हैं। लोकसभा और राज्यसभा में प्रक्रिया और आचरण के स्पष्ट नियम हैं। यदि कोई सदस्य किसी अन्य सदस्य पर गंभीर आरोप लगाना चाहता है, तो उसे पहले नोटिस देना होता है और आरोप को प्रमाणित भी करना होता है। केंद्रीय मंत्री रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार पर यह आरोप लगाया कि उन्होंने भारत और भारतीय हितों को बेच दिया है। रिजिजू ने सवाल उठाया, किस आधार पर? बिना नोटिस दिए उन्होंने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को सदन में बुलाकर अपने आरोपों को साबित करने का अवसर दिया जाना चाहिए।
रिजिजू ने यह भी आरोप लगाया कि राहुल गांधी जानबूझकर ऐसा करते हैं। उन्होंने कहा, उनका भाषण आम तौर पर आरोपों से भरा होता है और उसके बाद वे सदन से चले जाते हैं। वे मंत्रियों का जवाब सुनने के लिए नहीं बैठते। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विपक्ष के नेता के पद पर गंभीरता का अभाव दिखता है।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी पार्टी मुख्यालय में प्रेस वार्ता कर राहुल गांधी पर संसदीय परंपराओं को आहत करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र में उच्चतम मानकों और मर्यादाओं का प्रतीक है, लेकिन हाल की घटनाओं ने इसकी गरिमा को ठेस पहुंचाई है। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि गांधी ने अपनी भाषा और शैली से संसदीय विमर्श का स्तर गिराया है।
दरअसल, लोकसभा में केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को लेकर सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने इसे “होलसेल सरेंडर” करार देते हुए कहा था कि यह समझौता बराबरी की शर्तों पर नहीं हुआ है और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाया गया है। राहुल गांधी ने यहां तक कहा कि सरकार ने “भारत माता को बेच दिया।”