दो मैंगो शेक प्रतिष्ठानों में खाद्य कारोबार बंद, हाट बाजारों में हल्दी जांच अभियान जारी

इंदौर

:: प्रशासन ने जांच के लिए लिए कुल 12 नमूने, बिना वैध लाइसेंस काम करने वाले कारोबारियों को कलेक्टर की अंतिम चेतावनी ::
इंदौर । कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा ग्रीष्म ऋतु के मद्देनजर पेय पदार्थों एवं खुले बाजारों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए शहर में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में रविवार को खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के दल ने विभिन्न प्रतिष्ठानों और हाट बाजारों में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान गंभीर अनियमितताएं और बिना लाइसेंस संचालन पाए जाने पर दो प्रसिद्ध मैंगो शेक प्रतिष्ठानों का कारोबार आगामी आदेश तक बंद करा दिया गया।
जांच टीम ने सबसे पहले स्नेहलतागंज स्थित गुजरात रस का निरीक्षण किया, जहां संचालक राजेंद्र पटेल मौजूद थे। मौके पर मैंगो शेक का निर्माण और विक्रय होता पाया गया। टीम ने यहां से मैंगो शेक, शक्कर और खाद्य रंग के कुल चार नमूने जांच के लिए जब्त किए। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि प्रतिष्ठान के खाद्य पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) में दुकान का पता स्पष्ट और व्यवस्थित रूप से दर्ज नहीं था। इस तकनीकी अनियमितता के चलते आगामी आदेश तक यहां निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई है।
:: चिमन बाग में बिना वैध पंजीयन बिक रहा था मैंगो शेक ::
कार्रवाई के अगले चरण में टीम सुभाष मार्ग, चिमन बाग चौराहा स्थित योगी आमरस भंडार पहुंची। यहां प्रोपराइटर चंद्रहास पटेल द्वारा मैंगो शेक का धड़ल्ले से विक्रय किया जा रहा था, लेकिन जब अधिकारियों ने दस्तावेज मांगे तो प्रतिष्ठान के पास कोई वैध खाद्य पंजीयन उपलब्ध नहीं पाया गया। अधिकारियों ने मौके से मैंगो शेक और उसमें इस्तेमाल होने वाले खाद्य रंग के दो नमूने लिए और वैध रजिस्ट्रेशन प्राप्त होने तक इस दुकान का खाद्य कारोबार पूरी तरह बंद करवा दिया।
:: हाट बाजारों में खंगाली जा रही हल्दी की शुद्धता ::
कलेक्टर के निर्देशों पर खुले और हाट बाजारों में बिक रही हल्दी की गुणवत्ता जांचने के लिए भी एक सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत रविवार को सनावदिया हाट बाजार, मालवा मिल और आसपास के क्षेत्रों में हल्दी की प्रारंभिक जांच की गई। इससे पहले मांगलिया हाट और मुसाखेड़ी में भी ऐसी कार्रवाई की जा चुकी है। हालांकि, अब तक की शुरुआती जांच में कोई मिलावट सामने नहीं आई है, लेकिन विस्तृत और सटीक रिपोर्ट के लिए कुल 12 नमूने एकत्र कर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला, भोपाल भेजे गए हैं।
:: बिना लाइसेंस काम करने वालों को कलेक्टर की दो टूक ::
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान लगातार यह पाया जा रहा है कि कई प्रतिष्ठानों के पास वैध लाइसेंस नहीं है, या फिर लाइसेंस कारोबार की प्रकृति के अनुरूप नहीं है। उन्होंने सभी खाद्य कारोबारियों को अंतिम चेतावनी देते हुए निर्देश दिए हैं कि वे अनिवार्य रूप से वैध लाइसेंस या पंजीयन लेकर ही दुकान चलाएं और उसे प्रतिष्ठान में ऐसे स्थान पर लगाएं जहां ग्राहकों को वह स्पष्ट दिखाई दे।
:: यहां दर्ज कराएं शिकायत ::
कलेक्टर ने सजग उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि किसी दुकान पर खाद्य लाइसेंस प्रदर्शित न मिले या मिलावट व अनियमितता की आशंका हो, तो इसकी शिकायत कलेक्टर हेल्पलाइन 0731-181 पर जरूर दर्ज कराएं। प्राप्त शिकायतों पर त्वरित और सख्त दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।