:: इंदौर नगर निगम ने जांच अभियान किया तेज; 157 भवनों में बंद मिले उपकरण, 101 को नोटिस जारी ::
इंदौर । शहर के होटलों और व्यावसायिक भवनों में अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) व्यवस्थाओं को लेकर इंदौर नगर निगम ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर शहरभर में चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के दौरान कई होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भारी लापरवाही सामने आई है। निरीक्षण में कई स्थानों पर फायर सेफ्टी उपकरण या तो बंद मिले या फिर पूरी तरह नदारद थे। इसके अलावा कुछ व्यावसायिक भवनों में बेसमेंट का उपयोग स्वीकृत मानकों के विपरीत यानी अवैध रूप से किया जाना पाया गया है।
इस गंभीर लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए नगर निगम ने संबंधित भवन संचालकों को तीन दिन का अंतिम नोटिस जारी किया है। नोटिस में स्पष्ट हिदायत दी गई है कि निर्धारित समयावधि के भीतर अग्नि सुरक्षा से जुड़ी सभी कमियों को अनिवार्य रूप से दूर कर लिया जाए। तीन दिन की यह अवधि बीतने के बाद निगम की टीमें दोबारा इन सभी स्थानों का औचक निरीक्षण करेंगी। इस दौरान यदि नियमों का उल्लंघन या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाई गई, तो संबंधित भवनों को तत्काल सील करने की सख्त कार्रवाई की जाएगी।
:: लापरवाही पर सीधा ऐक्शन ::
प्रभारी फायर ऑफिसर विनोद मिश्रा के अनुसार, निगम द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत अब तक शहर के विभिन्न जोनों में कुल 467 व्यावसायिक भवनों का विस्तृत सर्वे किया जा चुका है। इस जांच में से 305 भवनों में अग्नि सुरक्षा उपकरण दुरुस्त पाए गए, जबकि 157 भवनों में उपकरण बंद या अनुपस्थित मिले हैं। इसी लापरवाही के चलते अब तक 101 भवन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं और 32 भवनों को सील करने की कार्रवाई भी की गई है। निगम प्रशासन ने शहर के सभी व्यापारिक संगठनों, होटल संचालकों और संस्थान प्रमुखों से अपील की है कि वे नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दें और किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अपने परिसरों में फायर सेफ्टी की पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।

