मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जल संसाधन मंत्री सिलावट ने सौंपी उपलब्धियों की पुस्तिका, जनभागीदारी से चला अभियान ::
इंदौर । प्रदेश में जल संरक्षण और जल संवर्धन को लेकर चलाए गए जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत व्यापक स्तर पर कार्य किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जल संरक्षण की परिकल्पना और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में चले अभियान के तीसरे चरण में गांवों से लेकर शहरों तक जल स्रोतों के संरक्षण, पुनर्जीवन और सुधार के काम किए गए।
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने मंगलवार को मंत्रालय में अभियान की उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव को भेंट की। मुख्यमंत्री ने अभियान की सफलता के लिए मंत्री सिलावट और विभागीय टीम को बधाई दी। इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा भी मौजूद रहे।
मंत्री सिलावट ने बताया कि 19 मार्च से 30 जून तक चले अभियान में बारिश से पहले जल स्रोतों की सफाई, जीर्णोद्धार और आवश्यक मरम्मत के कार्य कराए गए, ताकि वर्षाकाल में अधिक से अधिक जल संग्रहण हो सके। जनसहयोग से चले इस अभियान को प्रदेश में जनआंदोलन का स्वरूप मिला।
अभियान के दौरान जल संसाधन विभाग ने जल संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त कराने, नहरों की सफाई और सुदृढ़ीकरण, तालाबों की मरम्मत, जलाशयों में रिसाव रोकने, स्टॉपडैम, बैराज, वियर और गेटों की मरम्मत सहित कई कार्य किए।
विभाग के अनुसार अभियान के तहत कुल 5970 कार्य पूरे किए गए। इनमें प्रदेश के सभी नौ कछारों में लघु सिंचाई परियोजनाओं से जुड़े 531 कार्य भी शामिल हैं। इन प्रयासों से जल स्रोतों की क्षमता बढ़ने के साथ भविष्य में जल उपलब्धता मजबूत होने की उम्मीद है।

