सिंहस्थ-2028 : विद्युत व्यवस्था को लेकर एमपी ट्रांसको अलर्ट, एमडी ने निर्माण कार्यों का लिया जायजा

मध्य प्रदेश

:: गुणवत्ता और समय-सीमा से समझौता नहीं, 750 मेगावाट बिजली की मांग के लिए तैयारी ::
उज्जैन/इंदौर । सिंहस्थ-2028 को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने तैयारियां अभी से तेज कर दी हैं। इसी क्रम में विद्युत पारेषण अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने भी मोर्चा संभाल लिया है। कंपनी के प्रबंध संचालक (एमडी) सुनील तिवारी ने उज्जैन में निर्माणाधीन विद्युत सबस्टेशनों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि परियोजनाओं को तय समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा किया जाए।
:: चिंतामन और त्रिवेणी विहार सबस्टेशन का निरीक्षण ::
निरीक्षण के दौरान एमडी सुनील तिवारी ने 132 केवी सबस्टेशन चिंतामन तथा उज्जैन के पहले 132 केवी जीआईएस सबस्टेशन त्रिवेणी विहार के निर्माण कार्यों की प्रगति देखी। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को स्पष्ट किया कि सिंहस्थ से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पूर्व में दिए गए निर्देशों और पर्ट चार्ट के आधार पर कार्यों की समीक्षा की।
:: 750 मेगावाट की मांग के लिए पुख्ता इंतजाम ::
सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में बिजली की अनुमानित अधिकतम मांग 750 मेगावाट रहने का आकलन है। इस भारी-भरकम मांग की विश्वसनीय और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एमपी ट्रांसको युद्धस्तर पर काम कर रही है। शहर में दो नए एक्स्ट्रा हाई टेंशन विद्युत सबस्टेशनों का निर्माण कार्य चल रहा है, साथ ही मौजूदा सबस्टेशनों का विस्तार और सुदृढ़ीकरण भी किया जा रहा है।
:: नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश ::
प्रबंध संचालक ने स्पष्ट किया कि सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग आवश्यक है ताकि निर्माण में कोई बाधा न आए। निरीक्षण के दौरान इंदौर और उज्जैन क्षेत्र के वरिष्ठ विद्युत अधिकारी भी मौजूद रहे। कंपनी का लक्ष्य है कि महाकुंभ के दौरान उज्जैन को चौबीसों घंटे बिजली आपूर्ति का मजबूत नेटवर्क तैयार कर दिया जाए।