राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर सिब्बल की कविता से गरमाई सियासत

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-‘राम को लूटा, देश को लूटा’ शीर्षक कविता से केंद्र सरकार पर साधा निशाना
नई दिल्ली । अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक कविता साझा करते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उनकी टिप्पणी के बाद इस मुद्दे ने नया राजनीतिक रंग ले लिया है।
कपिल सिब्बल ने अपनी पोस्ट में लिखा, “राम को लूटा, देश को लूटा, अच्छे दिन का नारा झूठा। ऐसे शासन को तोड़ देंगे, मिलकर देश को जोड़ देंगे। न दिलों का होगा बंटवारा, सबका देश है देश हमारा।” उन्होंने कविता की शुरुआत “इस सरकार को सत्ता से बाहर करें” जैसे शब्दों से करते हुए सरकार की नीतियों और शासन व्यवस्था पर सवाल उठाए। सिब्बल की यह काव्यात्मक प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा जारी है। अपनी कविता के माध्यम से उन्होंने कथित भ्रष्टाचार, जवाबदेही और सामाजिक एकता जैसे मुद्दों को एक साथ जोड़ते हुए सरकार की आलोचना की। उन्होंने यह संदेश देने का प्रयास किया कि देश में विभाजन की राजनीति के बजाय सामाजिक सद्भाव और एकता को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सिब्बल की यह टिप्पणी केवल एक साहित्यिक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि विपक्ष की ओर से सरकार के खिलाफ एक व्यापक राजनीतिक संदेश भी है। उनकी कविता में ‘अच्छे दिन’ के नारे और शासन की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल उठाए गए हैं। इधर, राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच भी जारी है। पुलिस इस प्रकरण में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। जांच एजेंसियों ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज किया है, जबकि आवश्यकता पड़ने पर ट्रस्ट के अन्य पदाधिकारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
इस बीच, मंदिर में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा है कि मामले पर निर्धारित न्यायिक प्रक्रिया के अनुसार ही विचार किया जाएगा।