नई दिल्ली । अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच लगातार तेज होती जा रही है। इस मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को अदालत ने 13 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपी से चोरी की रकम, अन्य संभावित सहयोगियों और धन के इस्तेमाल से जुड़े कई अहम पहलुओं पर पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों के अनुसार, अब तक की पूछताछ में सामने आया है कि चढ़ावे की गिनती के दौरान कथित तौर पर रकम की हेराफेरी की जाती थी। पुलिस का दावा है कि अविनाश शुक्ला की निशानदेही पर अब तक सबसे अधिक बरामदगी हुई है। उसके पास से लगभग 20 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा, सोने के आभूषण और अन्य सामान बरामद किए गए हैं। इसी आधार पर पुलिस उससे पूरे नेटवर्क और धन के लेनदेन की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित रूप से सीसीटीवी कैमरों की स्थिति, कर्मचारियों की गतिविधियों और सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन कर चोरी को अंजाम दिया। पूछताछ में यह भी दावा किया गया कि चोरी की गई नकदी को पहले मंदिर परिसर के शौचालयों में छिपाया जाता था और बाद में धीरे-धीरे बाहर निकाला जाता था। पुलिस इन दावों की पुष्टि के लिए तकनीकी और भौतिक साक्ष्य जुटा रही है। इस बीच मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (एसआईटी) को अपनी जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। एसआईटी मंदिर प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

