अयातुल्ला खामेनेई इमाम रजा दरगाह में हुए सुपुर्द-ए-खाक
सात दिन चले अंतिम संस्कार कार्यक्रम में 3.5 करोड़ लोगों के शामिल होने का दावा
तेहरान । ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को गुरुवार को मशहद स्थित इमाम रजा दरगाह में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। सात दिनों तक चले शोक कार्यक्रमों और अंतिम यात्रा में 3.5 करोड़ से अधिक लोगों के शामिल होने का दावा किया गया है। यदि यह आंकड़ा आधिकारिक रूप से प्रमाणित होता है, तो इसे इतिहास के सबसे बड़े जनाजों में गिना जाएगा।
अंतिम संस्कार के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मशहद पहुंचे। इससे पहले तेहरान, क़ोम, नजफ, कर्बला और मशहद सहित कई शहरों में शोक सभाएं और अंतिम यात्रा के कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें भारी जनसैलाब उमड़ा। इस बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई अंतिम संस्कार के दौरान सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों के दौरान युद्ध की शुरुआत में उनके घायल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस संबंध में ईरानी अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद पूरे ईरान में राष्ट्रीय शोक का माहौल रहा। धार्मिक स्थलों, सरकारी संस्थानों और प्रमुख शहरों में विशेष प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
पूर्व के ऐतिहासिक अंतिम संस्कार
इतिहास के सबसे बड़े अंतिम संस्कारों की बात करें तो तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री सी. एन. अन्नादुरई के वर्ष 1969 में हुए अंतिम संस्कार में लगभग 1.5 करोड़ लोगों के शामिल होने का उल्लेख मिलता है, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी स्थान प्राप्त है। वहीं, ईरान के पहले सर्वोच्च नेता अयातुल्ला रुहोल्लाह खमैनी के वर्ष 1989 के अंतिम संस्कार में भी करीब 1.02 से 1.2 करोड़ लोगों की उपस्थिति दर्ज की गई थी। अब जबकि अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में 3.5 करोड़ लोगों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है, ऐसे में उनके जनाजे को इतिहास के सबसे बड़े जनाजों में शामिल करता है। हालांकि, इस संख्या की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि अभी शेष है।

