देवबड़ला में एक साल से रुका निर्माण कार्य होगा शुरू

मध्य प्रदेश

पुरातत्व आयुक्त मदन कुमार ने दिए अधूरे काम पूरे करने के निर्देश

आष्टा। आष्टा के नेवज नदी उद्गम स्थल स्थित पुरातात्विक धरोहर देवांचल धाम देवबड़ला बीलपान में रुका हुआ निर्माण कार्य जल्द ही फिर से शुरू किया जाएगा। पुरातत्व विभाग के आयुक्त मदन कुमार ने हाल ही में देवबड़ला का दौरा कर अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान मंदिर समिति के सदस्य भी मौजूद रहे।

करीब एक साल से देवबड़ला में निर्माण कार्य रुका हुआ था। आयुक्त मदन कुमार ने स्थल का निरीक्षण कर रुके हुए कार्यों को गति देने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मंदिर समिति के अध्यक्ष ओंकार सिंह ने बताया कि पिछले 15 दिनों में विभाग द्वारा दो-तीन बार स्थल का अवलोकन किया गया है। विभागीय टीम ने रुके हुए कार्यों को गति देने के लिए कई विवरण तैयार किए हैं।

देवबड़ला स्मारक इंचार्ज कुंवर विजेंद्र सिंह भाटी ने पुष्टि की कि आयुक्त पुरातत्व मदन कुमार ने रुके हुए काम को शीघ्र गति देने के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देश पर डॉ. रमेश यादव के नेतृत्व में एक टीम ने योजनाओं पर कार्य शुरू कर दिया है।

पुरातत्व विभाग द्वारा देवबड़ला मंदिर पर होने वाले कार्यों के संबंध में एक फिल्म का निर्माण भी किया जा रहा है। डॉ. रमेश यादव के मार्गदर्शन में सरदार वल्लभ भाई पॉलिटेक्निक के फिल्म टेक्नोलॉजी एवं टेलीविजन प्रोडक्शन विभाग, भोपाल द्वारा यह फिल्म बनाई जा रही है।

कुल तीन ऐसी फिल्में बनाई जाएंगी, जो मंदिर के जीर्णोद्धार से संबंधित होंगी। इनमें से पहली फिल्म ‘सक्सेस स्टोरी’ है, जो मंदिर की पुरानी और वर्तमान स्थिति को दर्शाएगी। इस फिल्म का लेखन, शूटिंग, संपादन और निर्देशन सरदार वल्लभ भाई पॉलिटेक्निक के फिल्म टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के छात्र-छात्राओं, स्टाफ और शिक्षक डॉ. अनुभव अभिनव व डॉ. अभिनव द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है। विभाग अध्यक्ष डॉ. अवधेश सिंह इसका मार्गदर्शन कर रहे हैं।

विजेंद्र सिंह भाटी के अनुसार इन तस्वीर को साझा करने का उद्देश्य केवल इन प्राचीन मंदिरों की सुंदरता को प्रस्तुत करना नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक लोगों को ऐसे ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रेरित करना भी है।आइए हम सब अपनी विरासत को जानें, उसका सम्मान करें और आने वाली पीढ़ियों के लिए इन अमूल्य धरोहरों को सुरक्षित रखने का संकल्प लें।

यहीं से नेवज नदी का संगम स्थल 

मंदिर के पुजारी ओंकार सिंह भगतजी बताते हैं कि यहां में करीब 35 साल से मंदिर की पूजाअर्चना कर रहा हूं तब यहां पर घनाजंगल हुआ करता था उन्होंने बताया कि देवबडला से ही प्राचीन नेवज नदी का उद्गम स्थल है जो आगे चलकर एक बड़ी नदी का रूप ले लेती है।