:: 23,011 ग्राम पंचायतों की वित्तीय जांच होगी तेज और पारदर्शी; पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे भी शुरू ::
भोपाल/इंदौर । पंचायतों की वित्तीय व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में प्रदेश ने डिजिटल कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का शुभारंभ किया। इसके साथ ही पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा भी शुरू की गई।
नई व्यवस्था से पंचायत स्तर की ऑडिट प्रक्रिया अधिक सरल, तेज और पारदर्शी होगी। इसे देश में पंचायतों के पूर्णत: डिजिटल रिमोट वित्तीय ऑडिट की दिशा में अभिनव पहल माना जा रहा है।
:: 23 हजार से अधिक पंचायतों को मिलेगा लाभ ::
केंद्रीय वित्त आयोग से मिलने वाले अनुदान के लिए त्रिस्तरीय पंचायतों का समयबद्ध ऑडिट जरूरी होता है। इसी आवश्यकता को देखते हुए भारत के महालेखाकार के निर्देशन में पंचायती राज संचालनालय ने एनआईसी के तकनीकी सहयोग से दृष्टि प्लेटफॉर्म तैयार किया है।
इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑडिटर घर या कार्यालय से ही किसी भी पंचायत के आय-व्यय से जुड़े दस्तावेजों की ऑनलाइन जांच कर सकेंगे। इससे प्रदेश की 23,011 ग्राम पंचायतों की वित्तीय ऑडिट प्रक्रिया तेज होगी और सीमित संसाधनों में भी समय पर जांच पूरी की जा सकेगी।
:: घर बैठे कर सकेंगे पंचायत सेवाओं का भुगतान ::
मुख्यमंत्री ने पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे का भी शुभारंभ किया। पंचायत राज संचालनालय ने एनआईसी, जल निगम और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से यह सुविधा विकसित की है।
अब नागरिक पंचायत सेवाओं के बिल का ऑनलाइन भुगतान घर बैठे कर सकेंगे और डिजिटल रसीद भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे समय और श्रम की बचत के साथ पंचायतों के रिकॉर्ड भी स्वत: तैयार होते जाएंगे।
इन डिजिटल नवाचारों से पंचायतों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और सुशासन को मजबूती मिलेगी।

