गुरु पूर्णिमा पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु पूर्णिमा के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए गुरु के महत्व और उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक प्रेरणादायक संस्कृत सुभाषित साझा करते हुए कहा कि गुरु केवल ज्ञान देने वाले ही नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर शिष्यों को सुविचार, संस्कार और सही जीवन मूल्यों से भी समृद्ध करते हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में लिखा कि गुरु पूर्णिमा की सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई। उन्होंने कहा कि गुरु अपने शिष्यों को ज्ञान के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक सोच विकसित करने की प्रेरणा देते हैं। वे उन्हें सही दिशा दिखाकर समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी नागरिक बनने का मार्ग प्रशस्त करते हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि गुरु के आदर्शों को अपने जीवन का संबल बनाएं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें।
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया— “प्रेरकः सूचकश्चैव वाचको दर्शकस्तथा। शिक्षकः बोधकश्चैव षडेते गुरवः स्मृताः॥” इसका अर्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति जीवन में प्रेरणा देता है, सही दिशा का संकेत करता है, ज्ञान और सत्य का उपदेश देता है, उचित मार्ग दिखाता है, शिक्षा प्रदान करता है तथा आत्मबोध के माध्यम से व्यक्तित्व विकास का मार्ग प्रशस्त करता है, वही गुरु के छह स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करता है। प्रधानमंत्री पिछले कुछ दिनों से लगातार भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन दर्शन से जुड़े संस्कृत सुभाषित साझा कर रहे हैं। मंगलवार को उन्होंने प्रकृति संरक्षण और मानव कल्याण के संबंध में एक श्लोक साझा करते हुए कहा था कि प्रकृति के सम्मान और संरक्षण में ही मानवता का भविष्य सुरक्षित है। उन्होंने भारतीय परंपरा के अनुरूप प्रकृति और धर्म के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन को सुख, सुरक्षा और समृद्धि का आधार बताया था। इससे पहले सोमवार को उन्होंने सदाचार और उत्तम चरित्र पर आधारित एक संस्कृत श्लोक साझा किया था। उसके माध्यम से उन्होंने कहा कि अच्छा चरित्र ही व्यक्ति की वास्तविक पहचान है। सदाचारी और मर्यादित आचरण वाला व्यक्ति समाज में सम्मान प्राप्त करता है तथा नेतृत्व, विश्वास और सफलता का मजबूत आधार भी उत्तम चरित्र ही होता है। प्रधानमंत्री के इन संदेशों को भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा और जीवन मूल्यों को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

