पीएम आवास के पास कांग्रेस का धरना: कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया

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-धरने में बैठे राहुल से मिलने पहुंचे केंद्रीय मंत्री ने धरना समाप्त करने की अपील
-विपक्ष ने की शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री के साथ गृहमंत्री के इस्तीफे की मांग

नई दिल्ली,(ईएमएस)। पेपर लीक मामलों को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज करते हुए पीएम आवास के पास धरना दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता प्रधानमंत्री आवास के निकट धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए जोरदार नारेबाजी की। इसी बीच पुलिस ने कांग्रेस के अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। ऐसे में केंद्रीय मंत्री धरना स्थल पर पहुंचे और धरना समाप्त करने की अपील की है।
धरने में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी तथा अन्य कांग्रेस नेता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो, प्रधानमंत्री इस्तीफा दो और गृह मंत्री इस्तीफा दो जैसे नारे लगाए। कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं के लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है और उसे इसकी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए। बताया गया कि कांग्रेस का यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह गोपनीय तरीके से आयोजित किया गया। राहुल गांधी सहित सभी वरिष्ठ नेता पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए प्रधानमंत्री आवास की ओर पहुंचे। मीडिया को इसकी जानकारी तब दी गई, जब नेता प्रदर्शन स्थल से लगभग 100 मीटर की दूरी पर पहुंच चुके थे।
वहीं दूसरी तरफ प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन मौके पर पहुंचे। दोनों ने राहुल गांधी से बातचीत कर धरना समाप्त करने की अपील की। हालांकि कांग्रेस नेताओं ने अपनी मांगों पर अड़े रहते हुए प्रदर्शन जारी रखा। इस दौरान पुलिस लगातार राहुल गांधी और अन्य नेताओं से धरना स्थल खाली करने का अनुरोध करती रही। बताया गया कि राहुल गांधी ने विरोध के प्रतीक के रूप में अपने बंधे हुए हाथ दिखाए, जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सांकेतिक रूप से अपने हाथ बांध रखे थे।
स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वाहनों में बैठाकर वहां से हटाया। हालांकि उन्हें किस स्थान पर ले जाया गया, इसकी तत्काल आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई।
कांग्रेस ने केंद्र सरकार के सामने रखीं मांगें
धरना दे रहे कांग्रेस के नेताओं ने केंद्र सरकार के समक्ष 5 बड़ी मांगें रखीं है, जिनमें प्रदर्शन के दौरान हिंसा की निष्पक्ष जांच करवाई जाए और गृहमंत्री शाह दोनों सदनों में बयान दें। इसके साथ ही छात्रों के मुद्दे पर सदन में विस्तृत चर्चा हो, शिक्षा मंत्री से इस्तीफा लिया जाए और छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से सुना जाए। धरना स्थल पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी बातचीत की है। इस दौरान उन्होंने धरना समाप्त करने की अपील की है।
जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के बाद कांग्रेस द्वारा प्रधानमंत्री आवास के निकट किया गया यह प्रदर्शन राजधानी की राजनीति में नया मोड़ माना जा रहा है। विपक्ष इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है, जबकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।