नई दिल्ली । देशभर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में धांधली और पेपर लीक के आरोपों को लेकर विरोध का माहौल बना हुआ है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक महीने से जारी प्रदर्शनों के बीच तमिलनाडु में तमिल सिनेमा के दिग्गज अभिनेता थलपति विजय की राजनीतिक पार्टी तमिझगा वेत्री कज़गम (टीवीके) ने नीट परीक्षा पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। पार्टी ने मांग की है कि केवल परीक्षा में धांधली रोकना ही काफी नहीं है, बल्कि नीट प्रवेश परीक्षा को हमेशा के लिए पूरी तरह समाप्त कर दिया जाना चाहिए।
छात्रों के भविष्य और राज्यों के संवैधानिक अधिकारों की वकालत करते हुए टीवीके ने शिक्षा नीति में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। पार्टी का मानना है कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए शिक्षा को संविधान की समवर्ती सूची से हटाकर राज्य सूची में हस्तांतरित किया जाना चाहिए। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि इसमें कोई कानूनी बाधा आती है, तो एक अंतरिम उपाय के तहत विशेष समवर्ती सूची बनाई जानी चाहिए, ताकि राज्य सरकारों को अपनी मेडिकल शिक्षा और प्रवेश प्रक्रिया पर पूर्ण नियंत्रण मिल सके। पार्टी के अनुसार, यह दृष्टिकोण उनके नेता विजय द्वारा पहले ही रेखांकित किया जा चुका है।
इस राजनीतिक हलचल के बीच टीवीके ने राज्य की सत्ताधारी पार्टी डीएमके पर भी निशाना साधा। पार्टी ने आरोप लगाया कि वे चुनावों के दौरान नीट को रद्द करने के झूठे वादे करके जनता और छात्रों के साथ धोखे की राजनीति नहीं करते। गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनावों में डीएमके ने सत्ता में आने पर राज्य में नीट समाप्त करने का आश्वासन दिया था।
इसके अलावा, थलपति विजय ने नीट के विरोध में प्रदर्शन करने वाले प्रसिद्ध रैपर थेरुकुरल अरिवु से भी मुलाकात की। अरिवु ने नीट परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर राज्य सचिवालय के बाहर धरना दिया था। शुरुआत में पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद, मुख्यमंत्री के निर्देश पर अरिवु को सचिवालय के भीतर लाया गया, जहां विजय ने उनसे भेंट की। इस मुलाकात के दौरान अरिवु ने राष्ट्रीय स्तर की इस परीक्षा को लेकर अपनी गंभीर चिंताएं व्यक्त कीं। तमिलनाडु सरकार लंबे समय से मांग करती रही है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में दाखिला 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर ही होना चाहिए।

