-लेफ्ट पार्टियों ने शुरु किया विरोध
नई दिल्ली । संसद के मॉनसून सत्र के पहले हफ्ते में हंगामे के बीच राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया गया। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश किए गए बिल का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् को राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान जन गण मन की तरह कानूनी सुरक्षा देना है। यदि यह विधेयक संसद से पारित होकर कानून बनता है, तब वंदे मातरम् गाने में बाधा डालने या उसके अपमान का दोषी साबित होने पर संबंधित व्यक्ति को 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों सजा हो सकती है। यह प्रावधान राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान के अपमान पर होने वाली कार्रवाई के समान होगा।
मोदी सरकार इस कदम को राष्ट्रीय गीत के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए जरुरी बता रही है, वहीं लेफ्ट पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं। विपक्ष के भारी हंगामे और विरोध के कारण विधेयक पर चर्चा शुरू नहीं हो सकी। शुक्रवार को सदन की कार्यवाही को कई बार स्थगित करना पड़ा और अंततः उपसभापति हरिवंश ने सोमवार, 27 जुलाई को सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित करने की घोषणा की। मॉनसून सत्र का पहला हफ्ता लगातार हंगामे की भेंट चढ़ गया है।

