नीट पेपर लीक मामला: सीबीआई ने अदालत में दाखिल की 20 हजार पन्नों की चार्जशीट

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422 दस्तावेज, 360 गवाह और 43 भौतिक साक्ष्य शामिल
-अतिरिक्त दस्तावेज दाखिल करने के लिए मिला समय, अगली सुनवाई 3 अगस्त को
नई दिल्ली । नीट यूजी पेपर लीक मामले की जांच में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में करीब 20 हजार पन्नों की विस्तृत चार्जशीट दाखिल की है। अदालत को सीबीआई ने बताया कि आरोपपत्र में बड़ी मात्रा में दस्तावेज और साक्ष्य शामिल हैं। हालांकि, कुछ संलग्न दस्तावेजों की स्कैनिंग प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण एजेंसी ने उन्हें दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त को होगी।
अदालत ने चार्जशीट को रिकॉर्ड पर लेते हुए सीबीआई से आरोपपत्र में उल्लिखित बयानों और अन्य संबंधित दस्तावेजों के बारे में जानकारी मांगी। इस पर जांच एजेंसी ने बताया कि एनेक्सर से जुड़े दस्तावेजों की स्कैनिंग जारी है और जल्द ही उन्हें अदालत में प्रस्तुत कर दिया जाएगा।
सीबीआई के अनुसार, आरोपपत्र में कुल 422 दस्तावेज, 360 गवाहों की सूची तथा 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। मामले में फिलहाल 13 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं। इनमें राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के तीन विषय विशेषज्ञों के अलावा विभिन्न कोचिंग संस्थानों और कथित बिचौलियों से जुड़े लोग शामिल हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक दाखिल चार्जशीट में एनटीए की जीवविज्ञान विशेषज्ञ मनीषा मंधारे, रसायन विज्ञान विशेषज्ञ प्रल्हाद विट्ठलराव और भौतिकी विशेषज्ञ मनीषा संजय हवलदार के नाम शामिल हैं। इसके अलावा मनीषा संजय वाघमारे, धनंजय निवृत्ति लोखंडे, शुभम मधुकर खैरनार, यश यादव, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल, दिनेश बिवाल और डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे सहित कई कथित बिचौलियों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपपत्र में लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग इंस्टीट्यूट के संचालक शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर तथा पुणे के एपीएमए कोचिंग इंस्टीट्यूट के भौतिकी संकाय एवं मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) तेजस हर्षदकुमार शाह का नाम भी शामिल है।
अब सभी की नजरें कोर्ट पर टिकीं
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत पहले ही मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। नीट पेपर लीक प्रकरण को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन भी हुआ था, जिसके बाद सरकार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया था। अब अदालत में दाखिल विस्तृत चार्जशीट के साथ मामले की सुनवाई निर्णायक चरण की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है। अहम दस्तावेजों के दाखिल किए जाने के बाद सभी की नजरें कोर्ट की अगली सुनवाई पर टिक गई हैं।