भोपाल । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को उज्जैन स्थित विक्रम उद्योगपुरी का निरीक्षण कर औद्योगिक परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि औद्योगिक क्षेत्र में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय किसानों और ग्रामीण युवाओं को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही किसानों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप फसलों का उत्पादन करने के लिए प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की उद्योग-अनुकूल नीतियों और आधुनिक अधोसंरचना के कारण मध्यप्रदेश निवेश का प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने 1,266 करोड़ रुपये के निवेश से स्थापित पेप्सिको इंडिया लिमिटेड की खाद्य प्रसंस्करण इकाई का निरीक्षण किया, जिससे करीब 800 प्रत्यक्ष और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने 50.05 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन वर्किंग वूमेन हॉस्टल का भी जायजा लिया। यह परिसर औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत लगभग 1,500 महिलाओं को सुरक्षित और आधुनिक आवास सुविधा उपलब्ध कराएगा।
कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने बताया कि पिछले ढाई वर्षों में उज्जैन में 246 नई औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटित की गई है, जिनमें 16,150 करोड़ रुपये के निवेश और 14,500 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार की संभावना है। 773 एकड़ में विकसित विक्रम उद्योगपुरी में अब तक 94 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जबकि मेडिकल डिवाइस पार्क में 74 इकाइयों को भूमि मिली है। उद्योगों की बढ़ती मांग को देखते हुए विक्रम उद्योगपुरी फेज-2 भी विकसित किया जा रहा है, जहां कई प्रमुख कंपनियां निवेश करेंगी। इसके अलावा आईटी पार्क और वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र की परियोजनाओं से भी हजारों नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

