नई दिल्ली । संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्षी सांसदों ने फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में उपस्थिति की मांग उठाई। विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर और प्रेरणा स्थल पर विरोध-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार पर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा और जवाबदेही से बचने का आरोप लगाया।
जहां कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बताया कि केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, प्रधानमंत्री मोदी का संदेश लेकर विपक्ष के नेता राहुल गांधी से मिलने आए थे। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि विपक्ष चढ़ावा चोरी जैसे गंभीर मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा चाहता है, क्योंकि यह पूरे देश से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों पर कथित गोलीबारी और अत्याचार जैसी घटनाओं पर बयान की मांग कर रहा है। बिहार की गंभीर स्थिति का जिक्र कर उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त चर्चा के अपनी मर्जी से कानून पारित करना चाहती है, जिसका विपक्ष विरोध कर रहा है। वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने भी केंद्र सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाकर कहा कि पूरा विपक्ष चाहता है कि केंद्रीय गृह मंत्री सदन में आकर महत्वपूर्ण मामलों पर अपना पक्ष रखें, और प्रधानमंत्री मोदी को भी देश से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों ही सदन में अनुपस्थित रहकर अपनी जिम्मेदारियों से भाग रहे हैं। कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब के बटाला पुलिस स्टेशन में हुए विस्फोट की पारदर्शी जांच की मांग की, जबकि सांसद विवेक तन्खा ने विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) पर संसद में बहस और संभावित न्यायिक समीक्षा का उल्लेख किया। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने प्रेरणा स्थल पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान कहा कि विपक्ष की मांग वहीं है कि पीएम मोदी और गृह मंत्री शाह संसद में आएं। उन्होंने सरकार पर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप्पी साधने और गांधीवादी विरोध पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। आरएसपी सांसद एनके प्रेमचंद्रन ने नीट पेपर लीक और सीबीएसई परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों का उल्लेख कर छात्र आंदोलनों को संभालने में सरकार की विफलता पर प्रधानमंत्री से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार को इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

