दो साल पहले रेवती में लगाए थे 12.41 लाख पौधे, अब 13.10 लाख पेड़ बनकर खड़े

इंदौर

:: इंदौर ने फिर रचा इतिहास : एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने माना विश्व कीर्तिमान; 7 अगस्त से हुई गिनती, 13,10,012 पेड़ों की पुष्टि ::
इंदौर । दो साल पहले इंदौर ने रेवती रेंज में एक दिन में 12 लाख 41 हजार से ज्यादा पौधे लगाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। रविवार को उसी रिकॉर्ड की अगली कहानी लिखी गई। दो साल तक पौधों की देखभाल, सुरक्षा और संरक्षण के बाद एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने रेवती रेंज में 13 लाख 10 हजार 12 पेड़ों की पुष्टि की। एक ही जगह लाखों पौधे लगाकर उन्हें दो साल में वृक्ष के रूप में विकसित करने का यह विश्व कीर्तिमान है।
रिकॉर्ड के लिए टीम ने 7 अगस्त से रेवती रेंज में पेड़ों की गिनती और सत्यापन शुरू किया था। खास तौर पर यह जांच की गई कि 2024 में लगाए गए पौधों में कितने जीवित हैं। गणना पूरी होने के बाद 13,10,012 पेड़ों की संख्या सामने आई।
:: जिन्होंने पौधे लगाए, आज उन्हीं पेड़ों को देखकर खुश हैं ::
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि दो साल पहले जिन इंदौरवासियों ने पौधे लगाए थे, आज उन्हीं पौधों को वृक्ष के रूप में देखकर खुशी से भर उठना उनके लिए भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि इंदौर ने मिलकर शहर को क्लीन बनाया है और अब उसे ग्रीन बनाने का संकल्प लिया है।
विजयवर्गीय ने पेड़ों को साक्षात शिव के समान बताते हुए कहा कि पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड रूपी विष ग्रहण कर ऑक्सीजन रूपी अमृत देते हैं। इसलिए एक पेड़ लगाना एक शिव मंदिर बनाने के समान है। उन्होंने कहा कि इंदौर में इस वर्ष 21 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया गया है और हर रविवार पौधारोपण अभियान जारी रहेगा।
उन्होंने नागरिकों से जन्मदिन पर पौधा लगाने की अपील करते हुए कहा कि रेवती रेंज में पौधा भी मिलेगा और उसके लिए गड्ढा भी तैयार मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ वृक्ष लगाकर इंदौर में नई क्रांति पैदा करेंगे और देशभर में हरित क्रांति का संदेश देंगे।
:: नर्सरी बनाई, पौधा सूखा तो तुरंत लगाया दूसरा ::
2024 में पौधारोपण के बाद सबसे बड़ी चुनौती पौधों को बचाए रखने की थी। इसके लिए रेवती रेंज में नर्सरी विकसित की गई। किसी पौधे के नष्ट होने पर उसके स्थान पर तत्काल नया पौधा लगाया जाता था। 2025 में भी यहां एक लाख पौधे लगाए गए।
संस्था के अध्यक्ष अंतिम जैन ने कहा कि लाखों पौधे एक साथ लगाना और दो वर्षों तक उनका संरक्षण कर उन्हें वृक्ष बनाना ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने इसका श्रेय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, नगर निगम और इंदौरवासियों के सामूहिक प्रयास को दिया।
:: ग्रीन एरिया 9 से 14% करने का लक्ष्य ::
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि क्लीन सिटी के बाद अब इंदौर को ग्रीन सिटी बनाने का लक्ष्य है। शहर का ग्रीन एरिया 9% से बढ़ाकर 14% करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं की भागीदारी से वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाया जाएगा।
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का हिस्सा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ संकल्प को इंदौर आगे बढ़ा रहा है।
:: 51 हजार पौधे रविवार को ही लगाए ::
जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौड़ ने बताया कि रेवती रेंज में इस साल एक लाख पौधे लगाने का लक्ष्य है। रविवार को 51 हजार पौधे लगाए गए। इसके लिए 51 हजार गड्ढे तैयार किए गए थे। 400 मजदूरों, छह ट्रैक्टर, दो पोकलेन और चार जेसीबी की मदद ली गई।
उन्होंने बताया कि बीएसएफ की रिक्त भूमि पर भी पौधारोपण होगा। ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर तैयार की जा रही है, जिसे ड्रोन और हेलिकॉप्टर से भी देखा जा सकेगा। रेवती रेंज में तैयार हो रहे फल उद्यान से अगले 10 वर्षों में नगर निगम को आय मिलने की उम्मीद है।
:: बी.एल. संतोष ने राठौड़ को किया सम्मानित ::
कार्यक्रम में वृक्षारोपण अभियान में योगदान के लिए जनकार्य समिति प्रभारी राजेंद्र राठौड़ का भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष ने सम्मान किया। सेना के लिए जवानों को प्रशिक्षण देने में सहयोग के लिए जितेंद्र फौजी को एक लाख रुपए का चेक दिया गया। अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने वाले इन्फ्लुएंसर आदेश सोनी का भी सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विभिन्न सामाजिक संगठनों, संस्थाओं, स्कूलों और कॉलेजों से जुड़े 12 हजार से ज्यादा नागरिकों ने पौधारोपण अभियान में सहभागिता की।