:: दलाल बाग में चातुर्मास की धर्मसभा में उमड़ा तरुणाई का सैलाब, राष्ट्र निर्माण और धर्मसेवा का दिया संदेश ::
इंदौर । किसी भी राष्ट्र और समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी तरुणाई होती है। युवाओं को राष्ट्रीय एकता संघ बनाकर एक जाजम पर संगठित होने की जरूरत है। देश एक है, लेकिन राष्ट्रीय एकता और चेतना की दृष्टि से भी युवाओं का संगठित होना जरूरी है। इंदौर के मंदिरों, युवा संगठनों और मंडलों को एक संघ से जोड़कर सेवा गतिविधियां संचालित की जानी चाहिए। यह बात राष्ट्रसंत मुनि पुंगव प.पू. सुधासागर महाराज ने रविवार को दलाल बाग स्थित विद्या-सुधा सत्संग मंडप में चातुर्मास की धर्मसभा में युवा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि बिना पद और नाम के भी जो लोग जिनशासन की सेवा में जुटे हैं, उनका अभिनंदन होना चाहिए। प्रयास करें कि इंदौर का यह चातुर्मास किसी एक संस्था का नहीं, बल्कि पूरे शहर का चातुर्मास बने और इसका लाभ जन-जन तक पहुंचे।
:: धर्मसेवा में दिखावे से अधिक जरूरी है स्वयं की सहभागिता ::
राष्ट्रसंत ने धार्मिक कार्यों में बढ़ती इवेंट मैनेजमेंट की प्रवृत्ति पर कहा कि पूजा, अभिषेक और अन्य अनुष्ठानों में भक्तों को स्वयं सहभागी बनना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि रोटी एक ही होती है, लेकिन एक नौकर बनाता है और दूसरी मां। अंतर भावना का है। धार्मिक कार्यों में भी सेवा और सहभागिता की भावना रहनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि बच्चों में ऐसे संस्कार विकसित करने होंगे कि वे धर्म की सेवा करने में स्वयं को प्रफुल्लित महसूस करें। मंदिरों की सेवा केवल पैसे देकर दूसरों से कराने के बजाय श्रद्धालुओं को स्वयं इसमें जुड़ना चाहिए।
:: महाशांति धारा के बाद हुई ‘सुधा का सागर’ स्पर्धा ::
धर्मसभा की शुरुआत महाशांति धारा के आयोजन से हुई। इसके बाद ‘सुधा का सागर’ पुस्तक पर आधारित स्पर्धा हुई, जिसमें एक हजार से अधिक समाजबंधुओं ने भाग लिया। दोपहर में शहर के विभिन्न युवा संगठनों से जुड़े युवाओं ने दलाल बाग पहुंचकर राष्ट्रसंत के प्रवचन, आशीर्वचन और मार्गदर्शन का लाभ लिया।
आयोजन समिति की ओर से नवीन गोधा, मनीष गोधा, अशोक डोसी, हर्ष जैन और आकाश जैन कोयला सहित अन्य सदस्यों ने युवाओं की अगवानी की। सम्मेलन में मुनि सेवा संघ, मुनि सेवा समितियां, सोशल ग्रुप, युवा संगठन, युवा जैन व्यायामशाला सहित विभिन्न युवा संगठनों की टीमों ने सहभागिता की।
चातुर्मास के दौरान दलाल बाग में प्रतिदिन सुबह 8 से 9.30 बजे तक धर्मसभा होगी। इसमें राष्ट्रसंत सहित संतों और विद्वानों के प्रवचन होंगे। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे।

