भूतेश्वर महादेव पर चढ़े 11 लाख बिल्वपत्र, आठ शिवलिंगों की हो रही अष्टप्रहर पूजा

धार्मिक मध्य प्रदेश

:: दिन-रात उमड़ रहे श्रद्धालु, मंत्रोच्चार और रुद्राभिषेक से गूंज रहा पंचकुइया क्षेत्र ::
इंदौर । सावन के पहले दिन से पंचकुइया स्थित श्री भूतेश्वर महादेव मंदिर में चल रहे सर्व मनोकामना सिद्धिप्रद अहर्निश लक्ष्य बिल्वार्चन चिंतामणि महाप्रयोग में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। आयोजकों के अनुसार, अब तक 11 लाख बिल्वपत्र भगवान शिव को अर्पित किए जा चुके हैं। अष्टप्रहर चल रहे इस अनुष्ठान में देशभर से आए विद्वानों, आचार्यों और वेदपाठी ब्राह्मणों के मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक और शिव आराधना की जा रही है।
प्राचीन भूतेश्वर महादेव के मूल विग्रह के साथ सात अन्य नर्मदेश्वर शिवलिंग स्थापित किए गए हैं। इन आठ शिवलिंगों पर प्रतिदिन एक लाख बिल्वपत्र अर्पित किए जा रहे हैं। महाभारत में वर्णित शिव आराधना के मंत्रों के साथ ओम नमः शिवाय, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर सहित अन्य ज्योतिर्लिंगों के नाम से भी अर्चना की जा रही है।
:: 12 पारियों में अनुष्ठान, हर घंटे चढ़ते हैं हजारों बिल्वपत्र ::
मंदिर के प्रमुख पं. हरीशानंद तिवारी एवं पं. यतीन्द्र तिवारी ने बताया कि डॉ. विनायक पाण्डे के आचार्यत्व में पूजा का क्रम चल रहा है। संस्कृत एवं वेद-वेदांग पाठशालाओं के वेदपाठी ब्राह्मण और बटुक दो-दो घंटे की 12 पारियों में अनुष्ठान संपादित कर रहे हैं। प्रत्येक ब्राह्मण प्रतिघंटे एक हजार बिल्वपत्र अर्पित कर रहा है।
बिल्वपत्रों के लिए नर्मदा किनारे के क्षेत्रों में पेड़ों को चिन्हित कर पत्र एकत्र किए जा रहे हैं। इन्हें मंदिर परिसर में बनाए गए अस्थायी कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा जा रहा है। श्रद्धालु भी बिल्वपत्रों की सफाई, छंटाई और सजावट में सहभागिता कर रहे हैं।
:: रात-दिन निशुल्क अर्चना कर रहे श्रद्धालु ::
आयोजन में आम श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे निशुल्क बिल्वपत्र अर्चना की व्यवस्था है। सोमवार को सुबह 6 से दोपहर 12 बजे और शाम 6 से रात 10 बजे तक विशेष रूप से श्रद्धालु अर्चना में शामिल हो सकेंगे। मंदिर में रोजाना हजारों भक्त पहुंच रहे हैं। कई श्रद्धालु रातभर मंदिर में बैठकर शिव आराधना भी कर रहे हैं।