आज के सबसे बड़े ऐलानों में से एक में द वायरल फीवर (टीवीएफ) ने अपनी पहली मराठी फिल्म ‘बयांगी: पलायची नाही, तालायची’ का ऐलान किया है। यह एक दिलचस्प, अलग तरह की और ह्यूमर से भरपूर कहानी है, जो सुपरनैचुरल लोककथा की दुनिया में आगे बढ़ती है।
‘बयांगी: पलायची नाही, तालायची’ महाराष्ट्र की एक मशहूर सुपरनैचुरल लोककथा पर आधारित है। कोंकण के धुंध से घिरे गांवों के बीच बयांगी की एक डरावनी कहानी सुनने को मिलती है। कहा जाता है कि यह एक सुपरनैचुरल आत्मा है, जो एक नारियल के अंदर कैद रहती है और अपने मालिक के लिए खुशहाली लेकर आती है। जब चार कुंवारे लड़कों को ऐसी ही एक बयांगी मिल जाती है, तो उनकी जिंदगी एक खतरनाक खेल में बदल जाती है, जहां उनकी हर इच्छा पूरी होती है, लेकिन उसकी कीमत बेहद डरावनी होती है।
कहानी इन चार युवाओं के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें गलती से लगता है कि उन्हें आलीशान जिंदगी जीने का एक ‘चीट कोड’ मिल गया है। लेकिन उनकी शुरुआती खुशी जल्द ही डरावने सपने में बदल जाती है, जब उन्हें पता चलता है कि बयांगी की एक तय वैलिडिटी होती है और उसे उस समय के अंदर वापस करना जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर उसकी विनाशकारी ताकत बाहर आ जाती है। इसके बाद चारों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो जाता है। वे अपनी बयांगी को मात देने की कोशिश करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें पता चलता है कि उनकी हर इच्छा, चाहे छोटी हो या बड़ी, उसकी एक कीमत है।

