अमेरिका के साथ जंग के बीच यह यात्रा महत्वपूर्ण
नई दिल्ली । ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आएंगे। 14 अगस्त को ईरानी सूत्रों के हवाले से इसकी जानकारी दी। भारत 2026 में 18वें ब्रिक्स सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है, जो मजबूती, नए प्रयोग, सहयोग और टिकाऊ विकास के लिए निर्माण विषय के तहत आयोजित होगा। अमेरिका और ईरान के बीच पांच महीने से अधिक समय से जारी संघर्ष के बीच पेजेश्कियान की भारत यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ईरान 2024 में मिस्र, इथियोपिया और संयुक्त अरब अमीरात के साथ ब्रिक्स का पूर्ण सदस्य बना था, जिसके बाद 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें शामिल हुआ। इससे संगठन के पूर्ण सदस्यों की संख्या बढ़कर 11 हो गई है। इसके पहले, अक्टूबर 2024 में, पेजेश्कियान ने रूस के कजान शहर में हुए बीते ब्रिक्स सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, जहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की थी।
इसके पहले जून में, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए भारत आए थे। उन्होंने वैश्विक शांति में भारत की भूमिका की सराहना कर कहा था कि पश्चिम एशिया के संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है और बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने भारत की किसी भी रचनात्मक मध्यस्थता भूमिका का स्वागत करने का संकेत भी दिया था। अराघची ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की।

