:: एमपी ट्रांसको की रिव्यू बैठक में एमडी सुनील तिवारी ने ओवरलोडिंग रोकने और त्वरित रिस्टोरेशन पर दिया जोर ::
इंदौर । रबी सीजन में प्रदेश की संभावित 21,300 मेगावाट बिजली मांग को देखते हुए मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के प्रबंध संचालक सुनील तिवारी ने ट्रांसमिशन सिस्टम की स्थिरता और निरंतरता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ट्रांसमिशन लाइनों और सबस्टेशनों की माइक्रो मॉनिटरिंग, ओवरलोडिंग रोकने तथा किसी भी विषम परिस्थिति में नेटवर्क का त्वरित रिस्टोरेशन सुनिश्चित करने को कहा।
जबलपुर स्थित एमपी ट्रांसको मुख्यालय में हुई 23वीं त्रैमासिक रिव्यू बैठक में रबी सीजन एक्शन प्लान की समीक्षा की गई। तिवारी ने ओवरलोड सबस्टेशनों से लोड डायवर्ट करने के लिए वितरण कंपनियों के अधिकारियों के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए। ट्रांसमिशन लाइनों की ट्रिपिंग, पोस्ट मानसून मेंटेनेंस और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
:: ट्रांसमिशन सामग्री की कमी के बीच स्टॉक मैनेजमेंट पर जोर ::
तिवारी ने कहा कि देशभर में ट्रांसमिशन सामग्री की कमी के बीच सबस्टेशनों और फील्ड कार्यालयों में उपलब्ध सामग्री की समुचित अकाउंटिंग और प्रबंधन किया जाए। उन्होंने निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने तथा राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) से जुड़ी समस्याओं के निराकरण के निर्देश दिए।
बैठक में कैपेसिटर बैंकों की उपलब्धता, ठेकेदारों के भुगतान, सुरक्षा निधि की वापसी, ई-ऑफिस संचालन और अतिरिक्त भूमि सहित अन्य विषयों की समीक्षा की गई।
:: सिंहस्थ-2028 के कार्य एक वर्ष पहले पूरे करने के निर्देश ::
उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ-2028 के लिए एमपी ट्रांसको द्वारा किए जा रहे नए सबस्टेशनों, ट्रांसमिशन लाइनों और पावर ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि संबंधी कार्यों की भी समीक्षा हुई। तिवारी ने सभी संबंधित कार्य आयोजन से एक वर्ष पहले पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि सिंहस्थ के दौरान विश्वसनीय विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने मेंटेनेंस कार्यों में जीरो एक्सीडेंट लक्ष्य के साथ सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में मुख्यालय के विभागाध्यक्षों और प्रदेशभर से अधीक्षण अभियंता स्तर तक के अधिकारी उपस्थित रहे।

