कंगना के पलटवार से सन्न बाबा रामदेव: जवानी पर सवाल उठाना पड़ा भारी

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नई दिल्ली । राजनीति और मनोरंजन की दुनिया में अपने बेबाक बयानों से सुर्खियां बटोरने वाली बीजेपी सांसद कंगना रनौत और योगगुरु बाबा रामदेव के बीच छिड़ा जुबानी जंग अब व्यक्तिगत हमलों में बदल गया है। कंगना के विवादित जनरेशन गटर बयान से शुरू हुआ यह मामला, रामदेव द्वारा उनकी जवानी और अतीत पर सवाल उठाने के बाद तीखे व्यक्तिगत पलटवार में बदल गया। कंगना के करारे जवाब से सन्न हुए रामदेव को आखिरकार यह कहना पड़ा कि वह विवाद को और आगे नहीं बढ़ाना चाहते।
दरअसल, जंतर-मंतर पर युवाओं को जनरेशन गटर कहने पर उठे विवाद के बीच, जब बाबा से कंगना के बयान पर सवाल पूछा गया, तब उन्होंने अभिनेत्री-सांसद पर हमला बोल दिया। रामदेव ने कहा था, “उनका बचपन कैसा था? उनकी जवानी कैसी थी? उनके पिछले काम कैसे थे? मैं इसतरह के लोगों पर बात नहीं करना चाहता। युवाओं को जनरेशन गटर कहना विकृत मानसिकता की निशानी है।”
रामदेव के इन्हीं निजी टिप्पणियों पर सांसद कंगना ने तत्काल और तीखा जवाब दिया। उन्होंने लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में दिवास्वप्न मत देखिए। अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही कुछ भी मान सकते हैं। कम से कम मुझे झूठे या भ्रामक प्रभावकारिता दावों के मामले में सुप्रीम कोर्ट से फटकार नहीं लगी।” कंगना यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने रामदेव को चरित्र पर उपदेश देने से साफ मना किया और दो टूक कहा, “मुझे कैरेक्टर लेसन मत दीजिए। तुमसे तब बहुत ज्यादा बेहतर है मेरा कैरेक्टर। नो फ्रॉड डिटेक्टेड हियर।”
यह पलटवार पतंजलि के भ्रामक विज्ञापनों से जुड़े सुप्रीम कोर्ट के उस मामले की ओर इशारा था, जहां 2024 में रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को सार्वजनिक माफी मांगनी पड़ी थी। कंगना ने बाबा पर महिलाओं को लेकर मर्यादा की हर सीमा पार करने, भगवा वेशभूषा की गरिमा को ठेस पहुंचाने और पब्लिसिटी स्टंट का आरोप भी लगाया।
विवाद बढ़ने पर बाबा ने पीछे हटना ही बेहतर समझा। उन्होंने कहा, “मैं इस मामले को बढ़ाना नहीं चाहता। देश जानता है कि स्वामी रामदेव कौन हैं और मेरा योगदान क्या है। इसलिए मैं इसतरह के लोगों पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।”