-विदेश मंत्री जयशंकर ने एयरपोर्ट पहुंचकर लौटे भारतीयों से की मुलाकात
-चीन में फंसे करीब 400 भारतीयों से संपर्क, 320 से अभी संपर्क नहीं
नई दिल्ली,(ईएमएस)। नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बीच चीन-नेपाल सीमा और प्रभावित इलाकों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने का अभियान तेज कर दिया गया है। विदेश मंत्रालय के ताजा अपडेट के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए 21 भारतीय नागरिक काठमांडू से सुरक्षित दिल्ली पहुंच गए हैं। ये सभी तमिलनाडु के रहने वाले हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर खुद दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे और भारत लौटे नागरिकों से मुलाकात कर राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया।
विदेश मंत्री जयशंकर ने एयरपोर्ट पर भारत लौटे 21 नागरिकों से मुलाकात की और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। सरकार का कहना है कि प्राथमिकता सभी फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करना है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, चीन की ओर फंसे 96 भारतीय नागरिक सुरक्षित रूप से नेपाल की सीमा में प्रवेश कर चुके हैं। वहीं करीब 400 भारतीय नागरिक अब भी चीन में फंसे हुए हैं और उनसे लगातार संपर्क बना हुआ है। सरकार उन्हें सुरक्षित वापस लाने के प्रयासों में जुटी है।
320 भारतीयों से अभी संपर्क नहीं
विदेश मंत्रालय ने बताया कि करीब 320 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पाया है। सरकार की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीयों की जानकारी जुटाने और उनसे संपर्क स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं। खराब मौसम, बाढ़, भूस्खलन और कई स्थानों पर संपर्क मार्ग क्षतिग्रस्त होने के कारण रेस्क्यू अभियान में चुनौतियां आ रही हैं।
नेपाल को एनडीआरएफ भेजने की पेशकश
भारत ने राहत एवं बचाव कार्यों में नेपाल की मदद के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एनडीआरएफ) की टीम भेजने की पेशकश की है। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस प्रस्ताव पर नेपाल के जवाब का इंतजार किया जा रहा है। भारत ने नेपाल में राहत सामग्री से भरे दो विमान पहले ही भेज दिए हैं, जबकि तीसरी खेप भी जल्द रवाना किए जाने की तैयारी है। नेपाल की जरूरत के मुताबिक टनल रेस्क्यू टीम और मेडिकल टीम भेजने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। इन टीमों को भेजने से पहले एक रेकी टीम प्रभावित क्षेत्र में जाकर वहां की परिस्थितियों और आवश्यक उपकरणों का आकलन करेगी।
कनेक्टिविटी बहाल करने के लिए बेली ब्रिज की पेशकश
बाढ़ और भूस्खलन से क्षतिग्रस्त संपर्क मार्गों को दोबारा बहाल करने के लिए भारत ने बेली ब्रिज और तकनीकी टीमों की सहायता भी देने की पेशकश की है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, एक बेली ब्रिज पहले से नेपाल में मौजूद है। भारत की ओर से राहत सामग्री, बचाव दल, चिकित्सा सहायता और तकनीकी विशेषज्ञता उपलब्ध कराने की तैयारी के बीच फंसे भारतीयों की सुरक्षित वापसी के प्रयास लगातार जारी हैं। सरकार प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखते हुए नेपाल और चीन के संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है।

