:: मनमोहन पार्श्वनाथ का रजत श्रृंगार, आज स्वर्ण वर्क से सजेगी प्रतिमा; 12 को महावीर जन्म वाचन, 15 को संवत्सरी ::
इंदौर । रेसकोर्स रोड स्थित श्री मनमोहन पार्श्वनाथ जैन श्वेतांबर मंदिर में मंगलवार से आठ दिवसीय पर्यूषण महापर्व की शुरुआत हुई। पहले दिन 1100 से अधिक श्रद्धालुओं ने केसर-चंदन से भगवान का पूजन-अभिषेक किया। इसके बाद भगवान मनमोहन पार्श्वनाथ का रजत श्रृंगार किया गया। बुधवार को प्रतिमा को शुद्ध सोने के वर्क से सजाया जाएगा। शाम को संगीतमय भक्ति के बाद महाआरती होगी।
पर्यूषण के दौरान मालवांचल के धार, राजगढ़, झाबुआ, मोहनखेड़ा, कुक्षी सहित विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्वेतांबर जैन श्रद्धालुओं के इंदौर पहुंचने की संभावना है। मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष जय सिंह जैन और शैलेश अंबोर ने बताया कि आठ दिनों तक मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, आराधना और धार्मिक आयोजन होंगे।
:: 12 सितंबर को महावीर जन्म वाचन का मुख्य उत्सव ::
9 सितंबर को भक्तामर ग्रुप की संगीतमय भक्ति संध्या होगी। 11 सितंबर को अभय प्रशाल में पिंटू स्वामी की भजन संध्या होगी। 12 सितंबर को भगवान महावीर जन्म वाचन का मुख्य उत्सव मनाया जाएगा। इसमें बाल स्वरूप की झांकियां, पालना उत्सव, महाआरती और लड्डू प्रभावना होगी। 15 सितंबर को संवत्सरी पर्व पर सामूहिक प्रतिक्रमण किया जाएगा। 16 सितंबर को क्षमावाणी पर्व पर समाजजन एक-दूसरे से ‘मिच्छामि दुक्कड़म’ कहकर क्षमायाचना करेंगे।
:: फूलों और दीपों से सजा मंदिर परिसर ::
पर्यूषण के लिए मंदिर परिसर को अहमदाबाद और मुंबई के कारीगरों ने फूलों से सजाया है। सैकड़ों दीपों की रोशनी और केसर-चंदन की सुगंध से परिसर का वातावरण भक्तिमय नजर आ रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा और आयोजन व्यवस्थाओं के लिए 100 से अधिक कार्यकर्ताओं की टीम लगाई गई है।
:: 13 परिवारों से शुरू हुआ था मंदिर का सफर ::
श्री मनमोहन पार्श्वनाथ मंदिर से जुड़ी आस्था करीब पांच दशक पुरानी है। मंदिर की शुरुआत 13 परिवारों से हुई थी। वर्ष 2023 में पुनरुद्धार के बाद इसे गुजरात और राजस्थान की पारंपरिक स्थापत्य शैली में नया स्वरूप दिया गया। ट्रस्ट के अनुसार, पिछले वर्ष 30 हजार वर्गफुट के पंडाल में हजारों समाजजनों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई थी। ट्रस्ट का दावा है कि इस आयोजन को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया।

