प्रदर्शनकारियो पर पुलिस ने किया लाठी चार्ज, टियर गैस भी छोड़ी

मध्य प्रदेश

घायलो को पहुंचाया गया अस्पताल

बलवा मॉक ड्रिल परेड के दौरान किया गया कानून-व्यवस्था बनाये रखने का अभ्यास
भोपाल । राजधानी के पुलिस लाइन, नेहरू नगर का नजारा शुक्रवार के दिन काफी बदला हुआ नजर आया। यहॉ पुलिसकर्मियो ने ही अपनी मांगो को लेकर प्रदर्शन किया और उन्हें रोकने के लिये मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोकने के लिये उन पर लाठी चार्ज करने के साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़। इतना ही नहीं घायल हुए लोगो को पुलिस कर्मियो ने ही इलाज के लिये अस्पताल भी पहुंचाया। दरअसल यह नजारा था, पुलिस की बलवा मॉक ड्रिल का। आगामी त्यौहारों के दौरान शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा राजधानी भोपाल में समय-समय पर होने वाले धरना-प्रदर्शन एवं अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य को लेकर पुलिस लाइन, नेहरू नगर में बलवा मॉक ड्रिल परेड का आयोजन किया गया। आला अफसरो के मार्गदर्शन एवं पुलिस उपायुक्त आदर्श कांत शुक्ला के नेतृत्व में आयोजित इस मॉक ड्रिल में सहायक पुलिस आयुक्त, थाना प्रभारी, विभिन्न थानों का पुलिस बल तथा रक्षित केंद्र के अधिकारी-कर्मचारियों सहित लगभग 300 पुलिस जवानों ने भाग लिया।

पुलिस उपायुक्त ने जवानों को दिया मार्गदर्शन
 बलवा मॉक ड्रिल परेड के अवसर पर पुलिस उपायुक्त आदर्श कांत शुक्ला ने यहॉ मौजूद पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को संबोधित करते हुए बलवा ड्रिल के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कानून-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान सामने आने वाली वाली विपरीत परिस्थितियों में पुलिसकर्मियों द्वारा बरती जाने वाली सावधानियों, समन्वय, अनुशासन एवं उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने पुलिस जवानों को भीड़ नियंत्रण के दौरान परिस्थितियों का आकलन करते हुए निर्धारित प्रोटोकॉल एवं वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई करने तथा स्वयं की सुरक्षा के साथ-साथ आमजन एवं सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

बलवा मॉक ड्रिल में विभिन्न टीमों ने किया अभ्यास
 मॉक ड्रिल के दौरान पुलिस बल को विभिन्न टीमों में विभाजित कर उनकी जिम्मेदारियां निर्धारित की गईं। इनमें टियर गैस पार्टी, अश्रु गैस पार्टी, लाठी पार्टी, राइफल पार्टी, मेडिकल पार्टी एवं वाटर कैनन पार्टी सहित अन्य आवश्यक दल शामिल रहे।
– प्रदर्शनकारियों पर किया गया लाठी चार्ज, टियर गैस का हुआ प्रयोग
मॉक ड्रिल के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा विभिन्न मांगों को लेकर किए जा रहे प्रदर्शन की स्थिति का रिहर्सल किया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने एवं स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित करने का प्रयास किया गया। परिस्थितियां बिगड़ने पर भीड़ नियंत्रण के लिए अलाउंसमेंट, टियर गैस एवं अश्रु गैस के प्रयोग, लाठी पार्टी की कार्रवाई तथा अन्य भीड़ नियंत्रण उपायों का अभ्यास किया गया। साथ ही, गंभीर स्थिति में वरिष्ठ अधिकारियों एवं सक्षम मजिस्ट्रेट के निर्देशानुसार की जाने वाली कार्रवाई का भी रिहर्सल किया गया।

घायलो को पहुंचाया गया अस्पताल
 अभ्यास के दौरान घायल प्रदर्शनकारियों एवं पुलिसकर्मियों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का भी प्रदर्शन किया गया। मेडिकल टीम एवं एंबुलेंस के माध्यम से घायलों को उपचार हेतु अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई का रिहर्सल किया गया।

मॉक ड्रिल का उद्देश्य
बलवा मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कानून-व्यवस्था से संबंधित विपरीत परिस्थितियों में भीड़ नियंत्रण, आपसी समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई के लिए प्रशिक्षित करना रहा।
इस दौरान पुलिसकर्मियों को यह भी अभ्यास कराया गया कि धरना-प्रदर्शन, जुलूस अथवा अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी परिस्थितियों में वे संयम एवं अनुशासन बनाए रखते हुए स्वयं को सुरक्षित रखते हुए अपने कर्तव्यों का प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकें। पुलिस द्वारा समय-समय पर इस प्रकार की मॉक ड्रिल आयोजित की जाती हैं, ताकि कानून-व्यवस्था ड्यूटी के दौरान पुलिस बल की तैयारियों एवं क्षमताओं का परीक्षण किया जा सके तथा आवश्यकता पड़ने पर किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।