बीएलओ लोकतंत्र की सबसे अहम कड़ी : मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

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मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शी चुनाव में बीएलओ की भूमिका निर्णायक : गुजरात में अधिकारियों से संवाद
अहमदाबाद । भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि देश की चुनाव प्रक्रिया संविधान, चुनाव कानूनों और निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार संचालित होती है। इस पूरी व्यवस्था को जमीनी स्तर पर मतदाताओं तक पहुंचाने में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। वे शुक्रवार को गुजरात विश्वविद्यालय के अटल कलाम हॉल में आयोजित ‘इंटरैक्शन विद बूथ लेवल ऑफिसर’ कार्यक्रम में गुजरात के बीएलओ से संवाद कर रहे थे।
ज्ञानेश कुमार ने बीएलओ को चुनाव आयोग परिवार का सबसे महत्वपूर्ण सदस्य बताते हुए कहा कि जब कोई बीएलओ मतदाता के घर पहुंचता है या फोन पर उससे संपर्क करता है, तो उसके लिए वही चुनाव आयोग का चेहरा होता है। उन्होंने बताया कि देश के करीब 90 करोड़ मतदाताओं तक चुनावी व्यवस्था पहुंचाने के लिए 11 लाख से अधिक बीएलओ लगातार कार्य कर रहे हैं।

  • मतदाता सूची की शुद्धता पर जोर
    मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि मतदाता सूची की पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित करने में राजनीतिक दलों और उनके बूथ लेवल एजेंट्स की भी लगातार भागीदारी रहती है। बीएलओ द्वारा अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत, डुप्लिकेट और विदेशी (एएसडीडीएफ)जैसे मामलों की पहचान कर योग्य मतदाताओं के नाम सूची में बनाए रखने का काम किया जाता है। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले प्रत्येक पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए।
    उन्होंने विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) का उल्लेख करते हुए कहा कि बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करते हैं और आवश्यक विवरणों का सत्यापन करते हैं। दस्तावेजों की जांच, मैपिंग और सुनवाई जैसी प्रक्रियाओं के माध्यम से मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाया जाता है।
  • ईवीएम-वीवीपेट प्रक्रिया में पारदर्शिता
    ज्ञानेश कुमार ने कहा कि मतदान से पहले मॉक पोल के दौरान उम्मीदवारों के पोलिंग एजेंट्स की मौजूदगी में ईवीएम और वीवीपेट की जांच की जाती है। मतदान समाप्त होने के बाद भी उम्मीदवारों के एजेंट्स की मौजूदगी में आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होती हैं और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए जाते हैं। मतगणना के समय भी काउंटिंग एजेंट्स की मौजूदगी में ईवीएम में दर्ज मतों का फॉर्म 17सी में दर्ज आंकड़ों से मिलान किया जाता है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और उनके एजेंट्स द्वारा जांच की व्यवस्था है। यही कारण है कि भारत की चुनाव प्रक्रिया दुनिया की सबसे पारदर्शी चुनाव प्रक्रियाओं में से एक है।
  • बीएलओ की मेहनत लोकतंत्र की सबसे बड़ी सेवा
    मुख्य चुनाव आयुक्त ने ईवीएम-वीवीपेट से अपने क्षेत्रों में समय-समय पर मतदाता सूची की जांच करने और 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं का नाम मतदाता सूची में जुड़वाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह लोकतंत्र की सबसे बड़ी सेवा है। उन्होंने ईवीएम-वीवीपेट की निष्पक्षता, मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि मतदाता सूची में कोई कमी रह जाए तो उसकी जिम्मेदारी परिवार के मुखिया के रूप में उनकी है, लेकिन सूची को सही और शुद्ध बनाने का श्रेय ईवीएम-वीवीपेट को जाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि गुजरात आगामी चुनावों में अधिक से अधिक मतदाताओं को चुनाव प्रक्रिया से जोड़कर देश के सामने नया उदाहरण पेश करेगा।
  • बीएलओ चुनाव आयोग और नागरिकों के बीच सेतु : संदीप सागले
    राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सागले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का स्वागत करते हुए कहा कि देश की चुनाव व्यवस्था के सर्वोच्च अधिकारी और बूथ स्तर के अधिकारियों के बीच सीधा संवाद एक महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बीएलओ को चुनाव आयोग और नागरिकों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी तथा लोकतांत्रिक भागीदारी का राजदूत बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित चुनाव व्यवस्था के साथ बीएलओ के जमीनी अनुभव, चुनौतियों और सुझावों को महत्व देने से चुनाव प्रक्रिया और अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी बनेगी।