पीपीपी से तैयार होगा मध्यप्रदेश का ‘फ्यूचर रेडी’ यात्री परिवहन नेटवर्क

मध्य प्रदेश

:: स्मार्ट डिपो, आधुनिक बस टर्मिनल और ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में निजी निवेश को बढ़ावा; ब्लेंडेड पीपीपी मॉडल का सुझाव ::
इंदौर । मध्यप्रदेश में यात्री परिवहन का ‘फ्यूचर रेडी’ नेटवर्क विकसित करने के लिए आधुनिक डिपो, बस टर्मिनल, अंतरराज्यीय बस टर्मिनल और मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब में निजी निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा। विशेषज्ञों ने इसके लिए ब्लेंडेड पीपीपी मॉडल, स्पष्ट जोखिम-साझाकरण, मजबूत कानूनी-आर्थिक ढांचे और दीर्घकालीन राजस्व व्यवस्था को जरूरी बताया। सुझाव दिया गया कि आधारभूत ढांचा विकसित करने में सरकार की भूमिका हो, जबकि निजी क्षेत्र की निवेश क्षमता और संचालन दक्षता का उपयोग किया जाए।
इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित दो दिवसीय यात्री परिवहन विजन समिट-2026 के दूसरे सत्र में ‘भविष्य के लिए तैयार यात्री परिवहन अवसंरचना : सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से निवेश को प्रोत्साहन’ विषय पर मंथन हुआ। सत्र में कनेक्टेड नेटवर्क, रणनीतिक साझेदारी और सतत विकास के विजन के साथ एमपीवाईपीआईएल के विजन-2030 पर भी चर्चा हुई।
:: निवेशकों के भरोसे के लिए स्पष्ट नियम जरूरी ::
अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन संजय कुमार शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का उद्देश्य प्रदेशवासियों को किफायती, सुरक्षित और विश्वसनीय सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की सफलता के लिए स्पष्ट कानूनी ढांचा, संतुलित अनुबंध और सुव्यवस्थित निवेश योजना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के हितों को ध्यान में रखकर मजबूत वित्तीय दस्तावेजीकरण और व्यावहारिक अनुबंध व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और दीर्घकालीन निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।
:: ब्लेंडेड मॉडल में सरकार विकसित करे आधारभूत ढांचा ::
आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के निदेशक भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने मध्यप्रदेश में पीपीपी मोड पर सुगम परिवहन सेवा शुरू करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेलवे, राजमार्ग और मेट्रो सहित विभिन्न क्षेत्रों में जरूरत के अनुसार अलग-अलग पीपीपी मॉडल सफल रहे हैं। पीएम ई-बस सेवा में भी जीसीसी आधारित पीपीपी मॉडल का उपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने मध्यप्रदेश में ब्लेंडेड पीपीपी मॉडल अपनाने का सुझाव देते हुए कहा कि मुख्य आधारभूत संरचना सरकार विकसित कर सकती है, जबकि निजी क्षेत्र की दक्षता और निवेश क्षमता का उपयोग किया जाए। इससे परियोजनाओं में जिम्मेदारियों और जोखिम का बेहतर बंटवारा होगा।
:: सरकारी ढांचे के साथ निजी दक्षता का इस्तेमाल ::
परिवहन आयुक्त-सह-अध्यक्ष, राज्य परिवहन प्राधिकरण, ओडिशा सरकार अमिताभ ठाकुर ने ओडिशा की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां नेटवर्क को ब्लॉक मुख्यालयों तक विस्तारित किया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार आवश्यक आधारभूत संरचना उपलब्ध कराए और निजी क्षेत्र की संचालन दक्षता का उपयोग करे तो सार्वजनिक परिवहन सेवाओं की गुणवत्ता के साथ निजी निवेश भी बढ़ाया जा सकता है।
:: ईवी के लिए मजबूत चार्जिंग नेटवर्क जरूरी ::
इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन के प्रबंध निदेशक अमित भट्ट ने कहा कि परिवहन क्षेत्र तेजी से बदलाव के दौर में है। ऊर्जा सुरक्षा, प्रदूषण में कमी और नेट-जीरो लक्ष्य हासिल करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना जरूरी है। इसके लिए मजबूत चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना प्रमुख आवश्यकता है।
:: निवेशकों के भरोसे के लिए एकीकृत योजना ::
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के मुख्य महाप्रबंधक (वाणिज्यिक परिचालन) अब्दुल बासित ने कहा कि पीपीपी परियोजनाओं के लिए एकीकृत योजना जरूरी है। निवेश पर प्रतिफल को लेकर स्पष्टता और भरोसा मिलने से दीर्घकालीन निवेश आकर्षित किया जा सकता है।
क्यूब कंस्ट्रक्शन इंजीनियरिंग लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक संजय सी. शाह ने बस स्टेशनों को आधुनिक ‘बस पोर्ट’ के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया।