रबी में कम सिंचाई वाली फसलों पर जोर, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा

मध्य प्रदेश

:: जनविश्वास अभियान में धार के कृषि कार्यालय, प्रक्षेत्र और किसानों के खेत का निरीक्षण; संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह ::
इंदौर । मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत धार जिले में कृषि विभाग ने आगामी रबी सीजन में कम सिंचाई वाली फसलों को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसल विविधीकरण पर जोर दिया। किसानों को चना, मसूर, सरसों, अलसी, कुसुम और चिया सीड्स जैसी फसलों की खेती अपनाने की तकनीकी सलाह दी गई। साथ ही प्राकृतिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक किया गया।
अभियान के तहत उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग तथा परियोजना संचालक आत्मा समिति कार्यालय का निरीक्षण कर अधिकारियों और शाखा प्रभारियों से विभागीय कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। इसके बाद शासकीय कृषि प्रक्षेत्र में सोयाबीन, तुअर सहित विभिन्न फसलों की स्थिति का जायजा लिया गया और बेहतर प्रबंधन के लिए तकनीकी सलाह दी गई।
तिरला विकासखंड के ग्राम सलकनपुर में प्रगतिशील किसान तेजराम जाट के खेत पर आत्मा परियोजना के माध्यम से स्थापित बायो रिसोर्स सेंटर का निरीक्षण किया गया। यहां जीवामृत और घन जीवामृत जैसे प्राकृतिक उत्पादों के उपयोग की जानकारी ली गई। किसानों ने बताया कि मुख्य फसल के साथ लहसुन, प्याज, आलू और अन्य सब्जियों की खेती से उन्हें अतिरिक्त आय मिल रही है।
इसके बाद बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति सलकनपुर का निरीक्षण कर उर्वरक के अग्रिम उठाव की समीक्षा की गई। अधिक मात्रा में उर्वरक लेने वाले किसानों लखन कामदार और प्रकाश जाट से चर्चा कर संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी गई।
अधिकारियों ने वर्तमान वर्षा की स्थिति को देखते हुए किसानों को आगामी रबी मौसम में कम सिंचाई वाली फसलों की खेती अपनाने और उपलब्ध पानी का बेहतर उपयोग करने की जानकारी दी।
भ्रमण के दौरान कृषि विस्तार एवं प्रशिक्षण केंद्र इंदौर के प्राचार्य एसएस चौहान, उप संचालक कृषि विजय चौरसिया, परियोजना संचालक आत्मा केएस झणिया, अनुविभागीय अधिकारी बसंत खडवाये, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ए.के. सत्यार्थी सहित बीटीएम, एटीएम और एईओ उपस्थित रहे।