:: गौतमपुरा में जन-विश्वास शिविर; 230 मरीजों की जांच, 75 आयुष्मान कार्ड और 117 आभा आईडी बनीं, टीबी मरीजों को पोषण किट ::
इंदौर । शासन-प्रशासन को गांव की चौपाल तक पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत शुक्रवार को देपालपुर विधानसभा क्षेत्र के गौतमपुरा में शिविर लगा। आसपास के गांवों से पहुंचे नागरिकों ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। अधिकारियों ने शिकायतें सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही समाधान की कार्रवाई शुरू की। प्रशासनिक अधिकारियों ने शिविर के साथ गांव की शासकीय संस्थाओं और मूलभूत सुविधाओं का भी मैदानी जायजा लिया।
मंडपम रिसोर्ट परिसर में आयोजित शिविर में जिला पंचायत सीईओ हिमांशु प्रजापति सहित जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं और लोक सेवाओं का लाभ मिलने की स्थिति जानी तथा उनकी जरूरतों और समस्याओं की जानकारी ली।
:: स्वास्थ्य सेवाओं का भी मिला लाभ ::
शिविर में 230 मरीजों की ओपीडी हुई। 75 आयुष्मान कार्ड, 117 आभा आईडी और चार दिव्यांग कार्ड बनाए गए। आयुष चिकित्सा, मेडिकल बोर्ड सहित विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। टीबी मरीजों को निश्चय मित्र के माध्यम से पोषण किट और कुष्ठ रोगियों को सेल्फ केयर किट वितरित की गईं। आधार अपडेशन की सुविधा भी उपलब्ध रही।
:: स्कूल में बच्चों से संवाद, करियर के मंत्र ::
जिला पंचायत सीईओ हिमांशु प्रजापति ने शासकीय बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से पढ़ाई और सुविधाओं की जानकारी ली। बच्चों को स्कूली बैग, साहित्य और खेल सामग्री वितरित की तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर मार्गदर्शन दिया। आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया गया।
:: 50 से अधिक पौधे लगाए, श्रमदान से की सफाई ::
अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने अमृत पार्क में 50 से अधिक छायादार व फलदार पौधे लगाए। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मार्ग पर श्रमदान कर सफाई की गई। अधिकारियों ने फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण किया, जिसकी क्षमता 20 केएलडी बताई गई। प्लांट से तैयार खाद का उपयोग बगीचे में किया जा रहा है।
:: योजनाओं से बदली युवाओं की राह ::
शिविर में मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के लाभार्थी अंकित को 2.50 लाख रुपये का ऋण प्रदान किया गया। उन्होंने बताया कि ऋण से गौतमपुरा में कपड़े का व्यवसाय शुरू किया। इसी योजना के तहत मोहम्मद जुन्नेद को खाद-बीज की दुकान के लिए ऋण मिला। शिविर में पात्रता पर्ची, संबल योजना, कर्मकार मंडल, प्रधानमंत्री स्वनिधि और कल्याणी पेंशन सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया गया।

