अंतिम व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा सबसे जरूरी : यादव

मध्य प्रदेश

:: मानवाधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री बोले- जनजातीय पीड़ितों को 6 करोड़ से अधिक की सहायता, हर व्यक्ति को समान अधिकार जरूरी ::
भोपाल/इंदौर । मानवाधिकारों की रक्षा का वास्तविक पैमाना समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और सम्मान की पहुंच है। अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की आवाज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जितनी अग्रिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति की। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग के 32वें स्थापना दिवस समारोह में कही। उन्होंने कहा कि ‘हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार’ आयोग का ध्येय वाक्य लोकतंत्र की मूल भावना को प्रतिबिंबित करता है।
आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को समान गरिमा, अधिकार और न्याय का अवसर मिलना चाहिए। प्रदेशवासियों की सुरक्षा और सम्मान राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। आयोग की तीन दशक की यात्रा मानवाधिकारों के संरक्षण और मानवीय गरिमा की रक्षा के लिए समर्पित रही है।
:: जनजातीय पीड़ितों को 6 करोड़ से अधिक की सहायता ::
आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि मानवाधिकारों से जुड़े मामलों के त्वरित निराकरण के साथ आयोग ने जनजातीय वर्ग के पीड़ितों को अब तक 6 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दिलाई है। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की जानकारी जनजातीय समुदायों तक स्थानीय बोलियों में पहुंचाना भी जरूरी है।
जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजातीय समाज का विकास सामाजिक और नैतिक दायित्व है। उन्होंने बताया कि जनजातीय विकास के लिए 8 हजार करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पीवीटीजी समुदायों के गांवों में स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र, आवास और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
:: स्मारिका और न्यूज लेटर का विमोचन ::
मुख्यमंत्री ने आयोग की स्मारिका, त्रैमासिक न्यूज लेटर और डायरी का विमोचन किया। मिशन कर्मयोगी के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र भी दिए गए।
आयोग के प्रभारी सचिव मुकेश कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग की स्थापना 13 सितंबर 1995 को हुई थी। समारोह में आयोग और जनजातीय कार्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।