भाईचारे का संदेश देती है : भावों का भेद 

मनोरंजन

परिवार के बैनर तले सामाजिक सरोकारों को केंद्र में रखकर एक महत्वपूर्ण लघु फिल्म ‘भावों का भेद’ का निर्माण किया गया है। यह लघु फिल्म समाज में व्याप्त जाति-पांति एवं सामाजिक भेदभाव की सोच को समाप्त कर मानवीय संवेदनाओं, समानता और आपसी भाईचारे का संदेश देती है। लघु फिल्म की कहानी, हिंदी साहित्य के सुप्रसिद्ध लघुकथाकार सुरेश सौरभ की सोशल मीडिया पर वायरल हुई लघुकथा ‘भावों के भेद’ पर केंद्रित है। कहानी के माध्यम से यह दर्शाने का प्रयास किया गया है, कि इंसान की पहचान उसकी जाति या विशेष कैटेगरी से नहीं, बल्कि उसके मानवीय भावों और कर्मों से होनी चाहिए। फिल्म में मुख्य भूमिका मशहूर सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर गुड्डन शिवरानी एवं उनकी पत्नी रेनू शिवरानी के अलावा स्वयं निर्देशक शिव सिंह सागर ने सहयोगी भूमिका निभाई है।       गौरतलब है कि इससे पूर्व भी सुरेश सौरभ की कई चर्चित लघुकथाओं पर फतेहपुर के शिव सिंह सागर द्वारा शॉर्ट फिल्मों का निर्माण कर चुके हैं।  ‘