अजीत डोभाल पर महाराष्ट्र के पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने उठाए सवाल
नई दिल्ली । एनएसए अजीत डोभाल पर महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि एनडीए सरकार में डोभाल को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा है कि पहले एनएसए का पद जूनियर होता था। खास बात है कि हाल ही में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार पर निशाना साधा था।
उन्होंने सवाल किया है कि भारत सरकार में विदेश नीति कौन चला रहे हैं? साथ ही कहा कि आज पीएम के नेतृत्व में विदेश नीति कौन चला रहा है। एक तरफ तो हमने देखा है कि एस जयशंकर हैं, बहुत अनुभवी हैं, आईएफएस अधिकारी हैं। एक तरफ अजीत डोभाल हैं, जो 10 साल से सुरक्षा सलाहकार का काम कर रहे हैं। हमारे समय डॉक्टर मनमोहन सिंह पीएम थे, तब एनएसए जूनियर पोस्ट थी। कैबिनेट मंत्री थे और उनके नीचे राज्य मंत्री एनएसए होते थे।
उन्होंने कहा कि अब सभी कैबिनेट रैंक के मंत्री हैं। उन्होंने कहा कि अब पीएम मोदी ने अजीत डोभाल को कैबिनेट रैंक दिया है। तो जयशंकर हों या डोभाल हों, दोनों ही सीधे पीएम को रिपोर्ट करते हैं। वो एक दूसरे को रिपोर्ट नहीं करते। पहले हमारे यहां था कि एनएसए जो है आंतरिक सुरक्षा के मामले में गृह मंत्रालय और विदेश मंत्रालय को रिपोर्ट करते थे। चव्हाण ने आगे कहा कि अब अमित शाह, जयशंकर और डोभाल तीनों ही कैबिनेट रैंक के मंत्री हैं। सीधा पीएम को रिपोर्ट करते हैं। विदेश मंत्रालय का काम जयशंकर क्या देख रहे हैं और डोभाल क्या देख रहे हैं, यह देश को बताना पड़ेगा।
चव्हाण ने कहा कि हाल ही में हमने देखा कि एस जयशंकर रूस गए थे और अजीत डोभाल चीन गए थे। क्या आपस में काम का बंटवारा हुआ है? अब संसद के सामने डोभाल जवाबदेह नहीं हैं, जबकि जयशंकर हैं। हमारी संवैधानिक व्यवस्था है कि संसद के मंत्री संसद के प्रति उत्तर दायित्व होते हैं। लेकिन डोभाल तो एक अफसर हैं। वह न तो चुने हुए हैं और न ही कोई शपथ ली है। तो वह कैसे विदेश नीति चला रहे हैं। बहुत सारी गंभीर बाते हैं। उन्होंने दिल्ली में 12-13 सितंबर को आयोजित हुए ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तारीफ भी की।
बता दें 19 सितंबर को मध्य प्रदेश में राहुल गांधी ने कहा था कि डोभाल फोन और सोशल मीडिया समेत अलग-अलग संचार साधनों पर कब्जा करके बैठे हैं और पीएम और गृह मंत्री तक खुफिया सूचनाएं पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि सिस्टम ने राजनीति से लेकर शिक्षा, कारोबार, नौकरशाही, खेल और मीडिया समेत हर क्षेत्र पर कब्जा कर रखा है। पूरे देश पर एक सिस्टम का कब्जा हो गया है जिसके शीर्ष स्तर पर छह लोग हैं। उन्होंने कहा था कि इसी सिस्टम में डोभाल और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी हैं। इसके अलावा उन्होंने जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई को लेकर भी केंद्रीय गृह मंत्री समेत कई नेताओं पर निशाना साधा था।

