कृष्णापुरा छतरी पर 16 दिवसीय सर्वधर्म सामूहिक तर्पण शुरू

इंदौर धार्मिक

:: ज्ञात-अज्ञात दिवंगतों की स्मृति में आयोजन, 10 अक्टूबर तक प्रतिदिन होगा निःशुल्क तर्पण ::
इंदौर । ज्ञात-अज्ञात दिवंगतों की आत्मशांति और उनकी स्मृति में सर्वधर्म सामाजिक समभाव का संदेश देते हुए कृष्णापुरा छतरी पर शनिवार से 16 दिवसीय निःशुल्क सामूहिक तर्पण अनुष्ठान शुरू हुआ। अनंत सेवा न्यास एवं विश्व ब्राह्मण समाज संघ के तत्वावधान में आयोजित अनुष्ठान के पहले दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पितरों के निमित्त तर्पण किया।
अनुष्ठान का संचालन विश्व ब्राह्मण समाज संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अनंत सेवा न्यास के संरक्षक-संयोजक पं. योगेंद्र महंत, पं. अनंत महंत, भागवत मर्मज्ञ अशोक चतुर्वेदी और सुरेश पाठक के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार अनुष्ठान 10 अक्टूबर, सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या तक चलेगा।
प्रतिदिन सुबह 8 से 11 बजे तक योग्य आचार्यों द्वारा विधि-विधान से सामूहिक तर्पण कराया जाएगा। श्रद्धालुओं से तर्पण के लिए सोला (धोती) और गमछा (उत्तरीय) साथ लाने का आग्रह किया गया है। आयोजकों के अनुसार अनुष्ठान की तैयारियां पिछले दो माह से की जा रही थीं। आयोजन के दौरान भागवत कथा भी होगी।
26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध से शुरू हुए आयोजन में 27 सितंबर को प्रतिपदा, 28 को द्वितीया, 29 को तृतीया और 30 सितंबर को चतुर्थी-पंचमी के निमित्त तर्पण होगा। 1 अक्टूबर को षष्ठी, 2 को सप्तमी और 3 अक्टूबर को अष्टमी का तर्पण कराया जाएगा। 4 और 5 अक्टूबर को मातृ नवमी, 6 अक्टूबर को दशमी तथा 7 और 8 अक्टूबर को एकादशी-द्वादशी के निमित्त तर्पण होगा। 9 अक्टूबर को चतुर्दशी के अवसर पर अकाल या दुर्घटना में दिवंगत लोगों के निमित्त तर्पण कराया जाएगा। 10 अक्टूबर को सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर ज्ञात-अज्ञात सभी पितरों के निमित्त सामूहिक तर्पण होगा।
तर्पणाचार्य पं. मनोज भार्गव के अनुसार शास्त्रों में श्राद्ध कर्म में तिल, चावल, जौ और कुश का विशेष महत्व बताया गया है। उन्होंने कहा कि परिवार के पुरुषों के साथ महिलाओं को भी श्राद्ध कर्म करने का अधिकार बताया गया है। सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर उन दिवंगतों के निमित्त भी तर्पण किया जाता है, जिनकी श्राद्ध तिथि ज्ञात नहीं होती।