इन्दौर | ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष मोहसिन अली खान आज इन्दौर प्रवास पर आए इस दौरान उन्होंने ईएमएस संवाददाता से चर्चा करते मध्यप्रदेश में गरबा आयोजनों में मुस्लिम युवाओं की एंट्री को लेकर भाजपा नेताओं की ओर से दिए जा रहे बयानों पर सवाल उठाते कहा कि.. क्या हिंदुस्तान में गरबा 2014 के बाद से ही मनाया जा रहा है? उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जिम्मेदार पदों पर बैठे जनप्रतिनिधियों को ऐसे बयानों से बचना चाहिए, जिनसे समाज में धार्मिक आधार पर दूरी या तनाव की स्थिति पैदा हो।
खान ने महू विधायक उषा ठाकुर के गरबो को लेकर दिए विवादित बयान के संदर्भ के साथ कोविड के दौरान उनके द्वारा एयरपोर्ट पर आरती किए जाने से जुड़े प्रसंग का उल्लेख करते हुए सवाल किया कि.. कितने लोग आरती की वजह से कोविड से ठीक हुए और कितने लोगों की जान आरती की वजह से बची ? उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था अपनी जगह है, लेकिन ऐसे मुद्दों को लेकर सार्वजनिक जीवन में अलग-अलग मापदंड नहीं होने चाहिए।
ख़ान ने केबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा भाजपा पार्षद संध्या यादव को लेकर की गई चौड़ाई बढ़ गई टिप्पणी पर कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व वाले मध्यप्रदेश में एक महिला जनप्रतिनिधि के बारे में सार्वजनिक मंच से इस तरह की टिप्पणी की जाती है। इस बयान से यादव समाज आहत है।
खान ने लव जिहाद और इंटरफेथ मैरिज को लेकर भाजपा नेताओं के बयानों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने रामेश्वर शर्मा, विश्वास सारंग और उषा ठाकुर का नाम लेते हुए कहा कि अगर उन्हें लव जिहाद और इंटरफेथ मैरिज से इतनी परेशानी है तो स्पेशल मैरिज एक्ट में संशोधन किया जाए। उन्होंने यूनिफॉर्म सिविल कोड का जिक्र करते हुए कहा कि अलग-अलग समुदायों के लोग लिव-इन रिलेशनशिप में रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं, फिर इस पर आपत्ति क्यों नहीं की जाती।
मोहसिन अली खान ने मध्यप्रदेश में मस्जिदों, मदरसों और वक्फ संपत्तियों से जुड़े मुद्दे भी उठाते कहा कि मुस्लिम समाज की लड़ाई सिर्फ मुसलमानों के मुद्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि संविधान को बचाने की भी लड़ाई है। इस दौरान एआईएमआईएम ने संगठन में नियुक्ति की घोषणा भी की। खलील मुल्तानी को इंदौर जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया।

