रोटी-बेटी के रिश्तों की मजबूती और वैश्य एकता की दिशा में परिचय सम्मेलन प्रासंगिक

मध्य प्रदेश

:: वैश्य समाज का अ.भा. परिचय सम्मेलन शुरू, पहले दिन 350 से ज्यादा प्रत्याशियों ने दिया परिचय; 25 से अधिक वैश्य घटक एक मंच पर, 4 हजार से ज्यादा प्रविष्टियां ::
इंदौर । वैश्य समाज के विभिन्न घटकों के बीच रोटी-बेटी के रिश्तों को मजबूत करने और वैश्य एकता को बढ़ावा देने की दिशा में अखिल भारतीय परिचय सम्मेलन शनिवार को शुरू हुआ। मप्र वैश्य महासम्मेलन की मेजबानी में रिंग रोड, स्कीम-71 स्थित दस्तूर गार्डन में आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में 25 से अधिक वैश्य घटकों के विवाह योग्य युवक-युवतियां और उनके पालक देशभर से पहुंचे। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन के लिए लगभग सभी राज्यों से 4 हजार से अधिक प्रविष्टियां मिली हैं। इनमें पहली बार 2 हजार से अधिक युवती प्रत्याशियों की प्रविष्टियां शामिल हैं।
दोपहर बाद शुरू हुए परिचय सत्र में देर शाम तक 350 से अधिक प्रत्याशियों ने मंच पर पहुंचकर अपना परिचय दिया। कई प्रत्याशियों ने दूसरे वैश्य घटकों में विवाह करने और बिना दहेज विवाह की घोषणा की। कुछ नौकरीपेशा प्रत्याशियों ने समान पेशे वाले जीवनसाथी को प्राथमिकता देने की बात कही, जबकि कारोबार में स्थापित प्रत्याशियों ने शिक्षित और अपने व्यवसाय में सहयोग करने वाले जीवनसाथी की अपेक्षा जताई।
:: युवतियों ने भी मंच से बताई अपनी पसंद ::
शाम को महिलाओं द्वारा संचालित विशेष सत्र में युवती प्रत्याशियों ने जीवनसाथी को लेकर अपनी पसंद और अपेक्षाएं खुलकर साझा कीं। सत्र का संचालन राखी विजयवर्गीय, निधि नीखरा सहित अन्य महिलाओं ने किया। अधिक उम्र के प्रत्याशियों का परिचय पहले कराया गया। अधिक से अधिक रिश्तों के समन्वय के लिए विभिन्न वैश्य घटकों की संपर्क समितियां सम्मेलन स्थल पर सक्रिय रहीं।
श्राद्ध पक्ष के चलते रिश्तों को लेकर चर्चाएं हुईं, लेकिन उनकी औपचारिक घोषणा नहीं की गई।
सम्मेलन का शुभारंभ पूर्व गृहमंत्री उमाशंकर गुप्ता, प्रदेशाध्यक्ष सुधीर अग्रवाल, पत्रकार राजेश चेलावत, समाजसेवी दिनेश मित्तल, पूर्व विधायक सुदर्शन गुप्ता, कुलभूषण मित्तल कुक्की और बसंत खटोड ने दीप प्रज्वलित कर किया। अतिथियों ने कहा कि वैश्य घटकों के बीच एकता और रोटी-बेटी के रिश्तों की मजबूती की दिशा में ऐसे परिचय सम्मेलन हर दृष्टि से प्रासंगिक हैं।
सम्मेलन अध्यक्ष दिनेश मित्तल और संगठन अध्यक्ष अशोक खंडेलवाल ने स्वागत उद्बोधन दिया। महामंत्री अरविन्द बागड़ी, समन्वयक धीरज खंडेलवाल, निपुण गर्ग, संयोजक राजेश गर्ग और शिव जिंदल ने आयोजन की व्यवस्थाएं संभालीं। विभिन्न वैश्य घटकों की ओर से टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल, शक्तिनाथ गुप्ता, प्रकाश भटेवरा, कैलाश वेद, लखनलाल नागोरी, लक्ष्मीनारायण गुप्ता, जगदीश छिरोलिया, शैलेष नागर, हर्ष मेहता, किशोर गोयल, संजय बांकडा, राजेश बंसल, प्रवीण नीखरा, सीए नरेंद्र हेतावल, संजय गुप्ता, अंकुर हेतावल और राजकुमार बंसल ने अतिथियों का स्वागत किया।
:: आज समापन ::
दो दिवसीय सम्मेलन का समापन रविवार 27 सितंबर को परिचय सत्र के बाद होगा। मप्र वैश्य कल्याण ट्रस्ट के अध्यक्ष गिरीश अग्रवाल, समाजसेवी प्रेमचंद गोयल, रमेश मित्तल मेडीकैप्स, टीकमचंद गर्ग, विष्णु बिंदल, निर्मल रामरतन अग्रवाल, अविनाश ओएस्टर और मनीष शाहरा अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर वैश्य समाज के राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारियों का सम्मान भी किया जाएगा।