आसमान की नई ऊंचाइयों की ओर गुजरात: देश का प्रमुख फ्लाइंग ट्रेनिंग हब बनने की राह पर

देश-विदेश
  • गुजरात में 10 एफटीओ का मजबूत नेटवर्क तैयार होने से पायलट प्रशिक्षण को मिलेगी नई उड़ान
  • 5,200 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, 3,200 से ज्यादा कॉमर्शियल पायलट तैयार
    अहमदाबाद | मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार ने आकाश में ऊँची उड़ान भरी है और गुजरात में सिविल एविएशन का मजबूत ढाँचा तैयार होने से कॉमर्शियल पायलट प्रशिक्षण के लिए गुजरात नेशनल हब बना है।
    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किए हैं और युवाओं के लिए कॅरियर के नए द्वार खुले हैं। गुजरात सरकार ने पूरे राज्य में फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (एफटीओ) का मजबूत इकोसिस्टम स्थापित करके एविएशन क्षेत्र में कौशल विकास के लिए अग्रिम एवं दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाया है। सिविल एविएशन विभाग तथा गुजरात स्टेट एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड (गुजसेल) के माध्यम से गुजरात ने अपना मजबूत एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर स्थापित किया है।
    मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में सिविल एविएशन विभाग द्वारा पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन का विकास किया जा रहा है। इस ढाँचे के अंतर्गत राज्य के स्वामित्व वाले एयरपोर्ट तथा एयरस्ट्रिप्स पर लगभग 1,500 वर्ग मीटर भूमि पारदर्शी बिडिंग प्रक्रिया द्वारा पात्र ऑपरेटरों को आवंटित की गई है। इस पहल का उद्देश्य कुशल एविएशन मानवबल तैयार करना और निजी निवेश आकर्षित करना है।
    भारत का सिविल एविएशन क्षेत्र बढ़ते यात्री ट्रैफिक, उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के विस्तार और घरेलू एयरलाइनों द्वारा बड़े पैमाने पर नए विमानों की खरीद के कारण तेजी से विकसित हो रहा है। भारतीय एयरलाइनों ने संयुक्त रूप से लगभग 1,700 नए विमानों के ऑर्डर दिए हैं, जिसके परिणामस्वरूप आने वाले वर्षों में अनुमानित 25,000 से 30,000 कॉमर्शियल पायलटों की मांग पैदा होने की संभावना है। इस उभरते अवसर को ध्यान में रखते हुए गुजरात सरकार ने सिविल एविएशन विभाग तथा गुजरात स्टेट एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी लिमिटेड (गुजसेल) के माध्यम से विश्वस्तरीय पायलट प्रशिक्षण इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर ध्यान केन्द्रित किया है।
  • गुजरात बना भारत का फ्लाइंग ट्रेनिंग हब
    हाल में राज्य में पाँच फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (एफटीओ) कार्यरत हैं। इनमें से चार राज्य के स्वामित्व वाली मेहसाणा एवं अमरेली एयरस्ट्रिप्स पर कार्यरत हैं, जबकि एक एफटीओ भारतीय एयरपोर्ट अथॉरिटी (एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया) द्वारा आवंटित जमीन पर भावनगर एयरपोर्ट में कार्यरत है। कार्यरत एफटीओ में मेहसाणा में स्कायनेक्स एयरो प्रा. लि. और ब्लू रे एविएशन प्रा. लि.; अमरेली में विजन फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और गुजरात फ्लाइंग क्लब तथा भावनगर में ड्यूनेस एविएशन प्रा. लि. शामिल हैं।
    राज्य की एविएशन क्षेत्र की महत्वाकांक्षाओं को और गति मिलने वाली है, क्योंकि पाँच और फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन शीघ्र ही कार्यरत होंगे। इन सभी संस्थानों के कार्यरत होने के बाद गुजरात में कुल 10 फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन का नेटवर्क होगा, जो गुजरात को भारत के सबसे बड़े राज्य स्तरीय पायलट प्रशिक्षण इकोसिस्टम में से एक बनाएगा।
    गुजरात के फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशनों ने संयुक्त रूप से अब तक 5,200 से अधिक एविएशन विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया है, 3,200 से अधिक कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस (सीपीएल) धारक पायलट तैयार किए हैं और एफटीओ 200 से अधिक भावी पायलटों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
    इन संस्थानों में गुजरात फ्लाइंग क्लब का विशेष स्थान है। वर्ष 1958 में वडोदरा एयरपोर्ट पर स्थापित यह संस्थान आज भी भारत का सबसे लंबे समय से कार्यरत डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) मान्य फ्लाइंग ट्रेनिंग संस्थानों में से एक है।
  • अनुकूल मौसम गुजरात को अतिरिक्त लाभ देता है
    एविएशन प्रशिक्षण क्षेत्र में गुजरात को अनेक कारक प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान करते हैं। राज्य में पूरे वर्ष उड़ान के लिए अनुकूल मौसम उपलब्ध रहता है, एयरपोर्ट और एयरस्ट्रिप्स का व्यापक नेटवर्क है। इसके अलावा, राज्य के पास स्वयं के स्वामित्व वाला एविएशन इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध है। साथ ही, मजबूत औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक्स सपोर्ट, उत्कृष्ट सड़क कनेक्टिविटी तथा निवेशकों के अनुकूल नीति उपलब्ध है।
  • मजबूत एफटीओ इकोसिस्टम से आर्थिक लाभ में वृद्धि
    विस्तृत हो रहा एफटीओ इकोसिस्टम पायलट तैयार करने के अलावा उल्लेखनीय आर्थिक लाभों का सृजन भी करेगा। प्रत्येक फ्लाइंग ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन के लिए विमानों, सिमुलेटर्स, मैंटेनेंस हैंगर, फ्यूल इन्फ्रास्ट्रक्चर, क्लासरूम, हॉस्टल और प्रशासनिक सुविधाओं में बड़े पैमाने पर निवेश आवश्यक होता है।
    ऐसे निवेशों से गुजरात की एविएशन इकोनॉमी अधिक मजबूत होने के साथ कॉमर्शियल फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर्स, एयरक्राफ्ट मैंटेनेंस इंजीनियर्स, फ्लाइट डिस्पैचर्स, ऑपरेशन्स ऑफिसर्स, सेफ्टी प्रोफेशनल्स, प्रशासनिक कर्मचारियों और ग्राउंड सपोर्ट स्टाफ के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
  • एफटीओ से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा वेग
    एफटीओ का बढ़ता नेटवर्क एयरक्राफ्ट मैंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल (एमआरओ), एविएशन फ्यूल सेवाओं, फ्लाइट सिमुलेटर्स, एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग, ड्रोन पायलट प्रशिक्षण, एविएशन सॉफ्टवेयर और कन्सल्टेंसी सेवाओं जैसे संबद्ध क्षेत्रों को भी वेग देगा।
    साथ ही, सरकारी स्वामित्व वाले एयरपोर्ट तथा एयरस्ट्रिप्स का अधिक उपयोग होने से इन्फ्रास्ट्रक्चर की कार्यक्षमता बढ़ेगी और लीज प्रीमियम, जमीन का किराया, एयरक्राफ्ट पार्किंग, हैंगर सुविधाओं और फ्यूल बिक्री के माध्यम से दीर्घकाल में राजस्व का सृजन होगा।