-सौरव ने पीएम मोदी के खिलाफ एक पुराने बयान को दोहराने की कोशिश की थी
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास द्वारा उकसावे के प्रयास को विफल कर दिया है। सौरव दास ने पीएम मोदी के खिलाफ शशि थरूर के एक पुराने और विवादास्पद बयान को दोहराने की कोशिश की थी, लेकिन थरूर ने खुद को विवाद से दूर रखा। यह घटना तब हुई जब पीएम मोदी ने अपने निर्बाध 25 साल पूरे होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित श्री विनायक मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना की।
सौरव दास ने पीएम मोदी के शिवलिंग पर जल चढ़ाते और प्रार्थना करते हुए वीडियो को एक्स पर साझा किया। अपनी पोस्ट में उन्होंने शशि थरूर की शब्दावली की तर्ज पर क्लिष्ट और भारी-भरकम अंग्रेजी का इस्तेमाल करते हुए लिखा- मैं इसे देखकर डॉ. थरूर की एक जबरदस्त टिप्पणी की याद में खो गया। सर, क्या आपकी वाक्पटुता पर बिना कोई अनुचित दबाव डाले, उस अनिर्वचनीय और आनंददायक टिप्पणी को दोहराने का आग्रह किया जा सकता है?
सौरव दास का इशारा थरूर के साल 2018 के उस चर्चित बयान की और था, जिसे लेकर उन पर आपराधिक मानहानि का मुकदमा भी दर्ज हुआ था। सांसद शशि थरूर ने सौरव दास के इस उकसावे वाले ट्वीट का जवाब बेहद सादगी और चतुराई से दिया। उन्होंने सीधे किसी भी पुराने बयान का जिक्र करने से इनकार कर दिया और लिखा- अगर मुझे जरा सा भी अंदाजा होता कि आप किस ओर इशारा कर रहे हैं, तो मुझे बिल्कुल ऐतराज नहीं होता! कृपया मेरा मार्गदर्शन करें। थरूर के इस एक वाक्य के जवाब ने सीजेपी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और इस उकसावे को हवा नहीं मिलने दी।
बता दें कांग्रेस नेता शशि थरूर ने साल 2018 में आरएसएस के एक कार्यकर्ता का हवाला देते हुए कहा था कि मोदी शिवलिंग पर बैठे उस बिच्छू की तरह हैं, जिसे न तो हाथ से हटाया जा सकता है और न ही चप्पल से मारा जा सकता है। इस टिप्पणी पर बीजेपी नेताओं ने कड़ी आपत्ति जताई थी और इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में खूब हंगामा हुआ था। उस समय थरूर पर आपराधिक मानहानि का मामला भी दर्ज किया गया था। इस बार थरूर ने अपने जवाब से न केवल अपनी बुद्धि का प्रदर्शन किया, बल्कि अनावश्यक विवाद से भी खुद को बचा लिया।

