:: एनईपी की थीम पर महारानी लक्ष्मीबाई कन्या महाविद्यालय में सांस्कृतिक आयोजन ::
इंदौर । शास्त्रीय संगीत, नृत्य और लोक कलाओं की प्रस्तुतियों से गुरुवार को शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय, किला भवन का मंच संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी)-2020 एवं ‘विकसित भारत @ 2047’ के तहत अखिल भारतीय शिक्षा समागम की थीम ‘एनईपी—शिक्षा से विकसित भारत’ पर आयोजित कार्यक्रम में छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।
कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना से हुई। तनवी खोंडे, शांभवी खरे और मानसी नागर ने ‘शिव स्तुति’ पर नृत्य प्रस्तुत किया। वैदही जैन ने शास्त्रीय गायन किया। वहीं हर्षिता जारिया, पायल यादव, प्रगति शाह और ध्यानी शाह ने ठुमरी ‘सब बन ठन आई श्यामा प्यारी रे’ पर नृत्य कर ब्रज संस्कृति की छटा दिखाई।
लोक संस्कृति की प्रस्तुतियों में जानवी श्रोत्रिय ने लोकगीत, जबकि झनकार गोले और संगीता कोरी ने बुंदेली लोकगीत प्रस्तुत किए। समापन पर चेतना जाधम, मानसी नागर, शांभवी खरे, गुंजन चांडक और मिताली कश्यप ने गरबा प्रस्तुत कर माहौल को उत्सवी बना दिया।
:: शिक्षा के साथ संस्कृति से जुड़ाव जरूरी ::
कार्यक्रम की अध्यक्षता मां कनकेश्वरी महाविद्यालय, इंदौर के प्राचार्य डॉ. संजय सोनी ने की। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ कला और संस्कृति से जुड़ाव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बी. डी. श्रीवास्तव ने भी छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी. पी. बैरागी, एनईपी प्रभारी डॉ. मनीषा जोशी एवं कार्यक्रम संयोजक प्रो. देवेंद्र कुमरे उपस्थित रहे। संचालन डॉ. योगिता मंडलिक ने किया और आभार प्रो. सादिक खान ने माना। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।

