382 टीमों ने कराया पंजीयन, 75 को मिला ग्रैंड फिनाले का मौका; 36 घंटे चली राष्ट्रीय स्तर की हैकाथॉन ::
इंदौर । प्रेस्टीज इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग मैनेजमेंट एंड रिसर्च (पीआईईएमआर), इंदौर में आयोजित राष्ट्रीय स्तर की 36 घंटे की हैकाथॉन ‘एग्निटिया 2026’ में मुंबई के थीम कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की टीम डेवलपर्स ने पहला स्थान हासिल कर 50 हजार रुपये का नकद पुरस्कार जीता। इंदौर की एक्रोपोलिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च की टीम डेसिफर्स 30 हजार रुपये के साथ उपविजेता रही, जबकि मेजबान संस्थान पीआईईएमआर की टीम विजयास्त्र ने तीसरा स्थान हासिल कर 20 हजार रुपये जीते।
‘स्पार्क से सॉल्यूशन’ थीम पर 8 से 10 अक्टूबर तक उत्सवोत्सव 2026 के दूसरे चरण में आयोजित इस प्रतियोगिता के लिए देशभर से 382 टीमों ने पंजीयन कराया था। इनमें से 75 टीमों का चयन ग्रैंड फिनाले के लिए किया गया। आईआईटी, एनआईटी और वीआईटी सहित प्रमुख तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों ने चार सॉफ्टवेयर और एक हार्डवेयर श्रेणी में वास्तविक समस्याओं के तकनीक आधारित समाधान विकसित किए।
:: पांच श्रेणियों में इंदौर की टीमों ने भी मारी बाजी ::
पांचों श्रेणियों की विजेता टीमों को तीन-तीन हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया। पीआईईएमआर की टीम मर्ज कॉन्फ्लिक्ट ने ‘सिफर’, एक्रोपोलिस की टीम साइड क्वेस्ट ने ‘एपेक्स’ और पीआईईएमआर की टीम अराइज ने ‘प्रगति’ श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया। गुजरात के पेटलाद स्थित चंदुभाई एस. पटेल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की टीम यूफोरिया टेक ने ‘टेरा’ और उज्जैन के महाकाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की टीम आयोटनिक्स ने ‘ओडिसी’ श्रेणी में जीत दर्ज की।
:: पांच विशेष पुरस्कार भी दिए ::
देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी की टीम बाइनरी ब्रेन्स को ‘यंग इनोवेटर्स’ पुरस्कार मिला। पीआईईएमआर की टीम क्रॉप को ‘शी मेक्स इम्पैक्ट’ पुरस्कार दिया गया। तमिलनाडु के मदुरै स्थित सरनाथन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की टीम वाइल्ड कार्ड्स को सबसे दूर से आने वाली टीम का पुरस्कार मिला। पीआईईएमआर की टीम क्रिप्टोनेक्स को सबसे पहले पंजीयन कराने और इंदौर के चमेली देवी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की टीम साइफर को ‘मल्टीडिसिप्लिनरी एक्सीलेंस’ पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रत्येक विशेष पुरस्कार के साथ दो हजार रुपये की नकद राशि दी गई।
आयोजन प्रेस्टीज एजुकेशन फाउंडेशन के निदेशक केतन जैन के मार्गदर्शन में हुआ। पीआईईएमआर के वरिष्ठ निदेशक डॉ. मनोज कुमार देशपांडे, प्रेस्टीज यूनिवर्सिटी के कुलपति कीयूर पुरानी और प्रवेश निदेशक डॉ. राजीव रघुवंशी ने आयोजन में सहयोग दिया। समन्वय डॉ. पीयूष चौधरी और डॉ. लोकेश बोरिवाल ने किया। संकाय समन्वयक डॉ. प्रीतिका बहाद और डॉ. आराधना नेगी सहित अन्य शिक्षकों और मार्गदर्शकों ने भी योगदान दिया।

