प्रदेश में 5 लाख स्कूली बच्चों की आंखों की जांच करेगा शंकरा आई फाउंडेशन

इंदौर

:: स्वर्ण जयंती समारोह में रेनबो स्कूल स्टूडेंट्स आई स्क्रीनिंग कार्यक्रम शुरू; मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े ::
इंदौर । शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया ने मध्यप्रदेश के तीन जिलों में पांच लाख स्कूली बच्चों की आंखों की जांच का संकल्प लिया है। बुधवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित फाउंडेशन के स्वर्ण जयंती समारोह में रेनबो स्कूल स्टूडेंट्स आई स्क्रीनिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए। दोनों ने नेत्र स्वास्थ्य और जरूरतमंदों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आंखें परमात्मा का अनमोल उपहार हैं। आंखों की रोशनी के बिना जीवन कठिन हो जाता है, इसलिए इनकी देखभाल जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के प्रयास किए जा रहे हैं। मध्यप्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं, एयर एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाई जा रही है और ट्रॉमा सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। राज्य सरकार चिकित्सा शिक्षा की सुविधाएं बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने शंकरा आई फाउंडेशन के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि पांच दशक से स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में काम करना गौरव की बात है। जरूरतमंदों की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है। ऐसे प्रयासों से लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है और दूसरों को भी सेवा के लिए प्रेरणा मिलती है।
:: ग्रामीण और वंचित वर्ग तक पहुंचे नेत्र चिकित्सा ::
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार कर रही हैं। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से पात्र नागरिकों को उपचार की सुविधा मिल रही है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में भी जांच एवं उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने शंकरा आई फाउंडेशन द्वारा मध्यप्रदेश के तीन जिलों में पांच लाख स्कूली बच्चों की आंखों की जांच के संकल्प को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि फाउंडेशन को प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसे प्रयास जारी रखने चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय और वंचित वर्ग के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि पीड़ित मानवता की सेवा से बड़ा कोई धर्म नहीं है।
:: 10 राज्यों में 14 सुपर स्पेशियलिटी केंद्रों से सेवा ::
कार्यक्रम में शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया के सेवा कार्यों पर आधारित लघु फिल्म दिखाई गई। इसमें बताया गया कि फाउंडेशन 10 राज्यों में 14 सुपर स्पेशियलिटी केंद्रों के माध्यम से नेत्र चिकित्सा के क्षेत्र में सेवाएं दे रहा है।
कार्यक्रम में सांसद शंकर लालवानी, शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया की संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी पद्मश्री डॉ. आर.बी. रमानी, सह-संस्थापक डॉ. राधा रमानी सहित चिकित्सक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।