(मुंबई) जीमैट टेस्ट देने में महिला प्रोफेशनल्स की संख्या में तेजी से इजाफा

मध्य प्रदेश

मुंबई (ईएमएस)। प्रबंधन के क्षेत्र में भी अब महिलाओं की रुचियां तेजी से बढ़ रही है। यही कारण है कि ग्रेजुएट मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट यानी (जीमैट) परीक्षा देने वाली महिला प्रोफेशनल्स की संख्या में वृद्धि हो रही है। जीमैट टेस्ट की एडमिनिस्ट्रेटर ग्रेजुएट मैनेजमेंट एडमिशन काउंसिल (जीएमएसी) के डेटा के मुताबिक, जीमैट टेस्ट के लिए आवेदन करने वाली कम से कम 55 फीसदी महिलाएं वर्किंग प्रोफेशनल्स हैं और इनकी उम्र 25 साल से ज्यादा है। पिछले कुछ सालों में इस आयु वर्ग के सदस्यों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। एजुकेशन और डायवर्सिटी विशेषज्ञों ने कहा कि इसकी वजह यह है कि महिलाएं बड़े सपने देख रही हैं और अपने करियर को और ऊपर ले जाने के लिए उनका आत्मविश्वास बढ़ा है। इसके अलावा कॉरपोरेट इंडिया की ओर से जेंडर डायवर्सिटी की पहल से भी वे प्रभावित हुई हैं। आज टेक्नोलॉजी सेक्टर से लेकर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तक की कंपनियां महिलाओं को ज्यादा संख्या में हायर कर रही है। इनमें काम से कुछ समय के लिए ब्रेक लेने वाली महिलाएं भी शामिल हैं। इस तरह से कंपनियां महिलाओं का करियर आगे बढ़ने के लिए बेहतर माहौल दे रही हैं। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के एसोसिएट डीन चंदन चौधरी ने बताया, ‘ऐसी बहुत सी कंपनियां है जो कोई भेदभाव नहीं करती हैं और अपनी वर्क फोर्स में ज्यादा महिलाओं को हायर करना चाह रही हैं। हम कुछ ऐसी कंपनियों को भी जानते हैं, जो हमारे कैंपस में सिर्फ महिलाओं को हायर करने के लिए आती हैं।’
आईएसबी के 2019 बैच में कुल 886 छात्र हैं, जिनमें 34 फीसदी महिलाएं हैं। वहीं 2016 बैच में कुल 812 छात्र थे, जिनमें 29 फीसदी महिलाएं थी। आईएसबी में एक स्टूडेंट औसतन पांच साल गुजारता है। असल में जीमैट टेस्ट में शामिल होने वाली महिलाओं की संख्या में ही बढ़ोतरी हुई है। 2018 में जीमैट देने वाले 32,6132 विद्यार्थियों में से 32 फीसदी महिलाएं थीं। इसके मुकाबले 2014 में यह आंकड़ा 27 फीसदी था। 2014 में जीमैट देने वाले आधे से ज्यादा स्टूडेंट्स की उम्र 25 साल से ज्यादा थी। डायवर्सिटी और इंक्लूजन कंसल्टिंग फर्म अवतार ग्रुप फाउंडर की अध्यक्ष सौंदर्या राजेश ने बताया, देश की महिला प्रोफेशनल्स अपने करियर को आगे बढ़ाने को लेकर तेजी से ध्यान दे रही हैं। अवतार ने हाल में इंडियन प्रोफेशनल्स के बीच कैरियर इंटेशनलिटी को लेकर एक सर्वे कराया था। इसमें पाया गया कि कैरियर के शुरुआती दिनों में 64 फीसदी महिला प्रोफेशनल्स के बीच प्रोफेशनल्स विशेषज्ञता हासिल करना सबसे बड़ी चाहत है। वहीं 66 फीसदी पुरुष भी ऐसी ही आकांक्षा रखते हैं। सर्वे में शामिल 70 फीसदी महिलाओं ने कहा कि ‘करियर अचीवमेंट’ उनके करियर के लिए ज्यादा मायने रखता है। ऑनलाइन पोर्टल जॉब्सफॉरहर के एक सर्वे में भी कहा कि महिला प्रोफेशनल्स के बीच करियर में आगे बढ़ने की आकांक्षा है। इस सबके बावजूद देश में जीमैट देने वाली महिलाओं की संख्या दूसरे देशों के मुकाबले काफी कम है। 2018 में जीमैट देने वाली महिलाओं का ग्लोबल एवरेज 47 फीसदी था।
विपिन/ईएमएस/ 17 दिसंबर 2018

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