किसी का दुर्भाग्य ही किसी का सौभाग्य होता है ।
लगभग दर्जनो टूरनामेण्ट मे सहयोगी कोच बनने के बाद । अमय लश्करी ने सोचा क्यु ना �ुद की एक इंटरनेशनल टीम बनायी जाये । आ�िरकार इतनी ज्यादा टेलनटेड प्रतिभाए तो अमय लश्करी के पास थी ही । अमय लश्करी ने जैद तु�·ार ओर आर्यन को लेकर आगे बढ़ने का सोचा । मगर जैद ओर तु�·ार […]
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