पुस्तक समीक्षा
‘हाउस हसबैंड’ : पुरुष की अस्मिता, गृहस्थ जीवन और आत्मस्वीकृति का संवेदनशील आख्यान हाउस हसबैंड सुरजीत मान जलईया सिंह का ऐसा समकालीन उपन्यास है जो परिवार और समाज में पुरुष की पारंपरिक भूमिका पर एक जरूरी प्रश्न खड़ा करता है। उपन्यास का केंद्रीय पात्र मान परिस्थितियों के कारण घर की जिम्मेदारियाँ सँभालता है, जबकि उसकी […]
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