केंद्रीय बजट विकसित भारत @2047 का रोडमैप, बनेगा विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था : डॉ. मोहन यादव

इंदौर

:: इंदौर में विषय विशेषज्ञों से संवाद : मैन्युफैक्चरिंग, एआई और टेक्सटाइल पर जोर, बजट को बताया गरीब-युवा और अन्नदाता का कवच ::
:: मध्य प्रदेश को मिली बड़ी सौगात : पीएम मित्र पार्क से मालवा-निमाड़ को मिलेगी नई उड़ान, 3 लाख रोजगार के अवसर ::
इंदौर । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज करार दिया है। रविवार को इंदौर के डेली कॉलेज में सीए, अर्थशास्त्रियों और प्रबुद्धजनों के साथ बजट के सजीव प्रसारण उपरांत संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट केवल वित्तीय लेखा-जोखा नहीं, बल्कि 1947 की आजादी के बाद भारत की सामर्थ्य का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि जहां पड़ोसी देशों की अर्थव्यवस्था ऋण के बोझ तले दबी है, वहीं भारत सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ विश्व की सर्वोच्च अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है।
:: ग्लोबल हब और तकनीकी क्रांति पर केंद्रित ::
मुख्यमंत्री ने बजट के तकनीकी पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब और बायो-फार्मा हब बनाने के लिए रणनीतिक निवेश किया जा रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए पर्याप्त धनराशि का प्रावधान देश को डिजिटल युग में नेतृत्व प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश के लिए पीएम मित्र पार्क टेक्सटाइल क्षेत्र में गेमचेंजर साबित होगा, जिससे न केवल 3 लाख युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख किसानों को भी सीधा लाभ होगा।
:: शहरी विकास और पर्यटन को नई ऊंचाई ::
डॉ. यादव ने बताया कि 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों के विकास के लिए 5,000 करोड़ रुपये का प्रावधान और सीप्लेन योजना जैसे नवाचार मध्य प्रदेश के पर्यटन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाएंगे। विदेशी पर्यटकों को टैक्स में 2% की छूट और पुरातात्विक स्थलों को खोलने के निर्णय से प्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान मिलेगी। इसके अलावा, जिला अस्पतालों का अपग्रेडेशन और प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास का निर्माण सामाजिक सुरक्षा की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
:: राजकोषीय अनुशासन और मध्यम वर्ग को राहत ::
मुख्यमंत्री ने आयकर प्रक्रिया को आसान बनाने और राजकोषीय घाटे को 4.3% तक सीमित रखने के लक्ष्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्यों के लिए 1.40 लाख करोड़ रुपये के अनुदान से मध्य प्रदेश की विकास योजनाओं को अतिरिक्त गति मिलेगी। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई विधायक एवं आर्थिक विशेषज्ञ मौजूद थे।