:: जिला मुख्यालयों पर होगा कलेक्टर कार्यालय का घेराव, सज्जन सिंह वर्मा ने सरकार पर साधा निशाना ::
इंदौर । प्रदेश में किसानों की उपेक्षा और वादों से मुकरती सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर कल, 9 अप्रैल को पार्टी प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी। इसके तहत सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा।
मंगलवार को इंदौर प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में पूर्व मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा और जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने सरकार पर तीखे प्रहार किए। वर्मा ने कहा कि भाजपा सरकार ने चुनाव के समय किसानों से जो सुनहरे वादे किए थे, सत्ता में आते ही उन्हें भुला दिया गया। यह अन्नदाता के साथ क्रूर विश्वासघात है।
:: आंकड़ों के जाल में उलझा किसान ::
सज्जन सिंह वर्मा ने सरकार की खरीदी नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश में करीब 160 लाख टन गेहूं का पंजीकरण हुआ है, लेकिन सरकार ने खरीदी की सीमा महज 78 लाख टन तय कर दी है। उन्होंने बारदाने की कमी का मुद्दा उठाते हुए बताया कि जहां 10 करोड़ बारदानों की आवश्यकता है, वहां सरकार ने मात्र 2 करोड़ 60 लाख का ही ऑर्डर दिया है।
:: बोनस और एमएसपी पर घेरा ::
कांग्रेस ने मांग की है कि गेहूं का समर्थन मूल्य (एमएसपी) 3000 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। वर्मा ने तुलना करते हुए कहा कि एक ओर पड़ोसी राज्य राजस्थान किसानों को 150 रुपये बोनस दे रहा है, वहीं मध्य प्रदेश में केवल 40 रुपये का बोनस देकर किसानों का मजाक उड़ाया जा रहा है।
:: बिचौलियों को लाभ पहुंचाने का आरोप ::
पत्रकार वार्ता में आरोप लगाया गया कि खरीदी की तारीखों को बार-बार आगे बढ़ाना सरकार की एक सोची-समझी रणनीति है, ताकि हताश होकर किसान अपनी उपज कम दामों पर बिचौलियों और व्यापारियों को बेच दे। विपिन वानखेड़े ने कहा कि ओलावृष्टि से 17 जिलों में फसलें बर्बाद हो गईं, लेकिन सरकार ने अब तक उचित मुआवजा नहीं दिया है। कांग्रेस की मांग है कि सर्वे कराकर 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से राहत राशि दी जाए।
:: चेतावनी : उग्र होगा प्रदर्शन ::
विपिन वानखेड़े ने चेतावनी दी कि यदि मंडियों में व्यवस्थाएं नहीं सुधरी और तुरंत खरीदी शुरू नहीं हुई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित निवास के बाहर उपवास पर बैठेंगे। इस दौरान एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, प्रदेश प्रवक्ता राजेश चौकसे सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे।
:: प्रमुख मांगें एक नजर में ::
गेहूं की एमएसपी 3000 रुपये प्रति क्विंटल की जाए।
ओलावृष्टि का मुआवजा 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिले।
खरीदी में देरी के कारण किसानों का ब्याज माफ हो।
बारदानों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

